वसुंधरा राजे ने 97 वर्षीय पूर्व स्पीकर सुमित्रा सिंह से की मुलाकात, 2003-08 के ऐतिहासिक 'त्रिवेणी संगम' को किया याद
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 18 जुलाई 2026 को जयपुर के सी-स्कीम स्थित आवास पर विधानसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा सिंह से मुलाकात की। 97 वर्षीय सुमित्रा सिंह इन दिनों अस्वस्थ चल रही हैं, और राजे ने उनका कुशलक्षेम जानने के लिए स्वयं उनके घर पहुँचकर यह शिष्टाचार भेंट की।
मुलाकात में क्या हुआ
दोनों वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक जीवन में बिताए दशकों की यादें ताज़ा कीं और राजस्थान के राजनीतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय पर विस्तार से चर्चा की। सुमित्रा सिंह ने याद किया कि किस प्रकार 2003 से 2008 के कार्यकाल में पहली बार राज्य के तीन सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर एक साथ तीन महिलाएँ आसीन हुई थीं।
ऐतिहासिक 'त्रिवेणी संगम'
राजे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में इस दुर्लभ संयोग का विवरण दिया। उन्होंने लिखा कि 8 दिसंबर 2003 को उन्होंने राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद 20 जनवरी 2004 को सुमित्रा सिंह प्रदेश की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष बनीं, और 8 नवंबर 2004 को प्रतिभा देवी सिंह पाटिल राजस्थान की पहली महिला राज्यपाल नियुक्त हुईं। राजे के अनुसार, यह 'त्रिवेणी संगम' का वह दुर्लभ और सुखद संयोग था जो देश के किसी अन्य प्रदेश में आज तक नहीं देखा गया।
महिला सशक्तीकरण की विरासत
राजे ने उस कार्यकाल में अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उस दौर में भामाशाह नारी सशक्तीकरण योजना — जिसे महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाने वाली दुनिया की पहली ऐसी योजना बताया गया — लागू की गई। इसके अलावा पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूटी-साइकिल योजना जैसे निर्णय लिए गए, जो बाद में देशभर के लिए प्रेरणा बने।
राजे की शुभकामनाएँ
अपनी पोस्ट के अंत में वसुंधरा राजे ने लिखा कि वे ईश्वर से सुमित्रा सिंह के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती हैं। यह मुलाकात दो पीढ़ियों की राजनीतिक विरासत और राजस्थान में महिला नेतृत्व के एक स्वर्णिम अध्याय की याद दिलाती है।