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राजस्थान विधानसभा की समितियों में वसुंधरा राजे, गहलोत और पायलट का सामूहिक योगदान

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राजस्थान विधानसभा की समितियों में वसुंधरा राजे, गहलोत और पायलट का सामूहिक योगदान

सारांश

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने 16 समितियों के गठन की घोषणा की है, जिसमें वसुंधरा राजे, गहलोत और पायलट का नाम शामिल है। यह गठित समितियां महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगी।

मुख्य बातें

16 विधानसभा समितियों का गठन किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे , अशोक गहलोत और सचिन पायलट नियम समिति में शामिल हैं।
महिलाओं की भागीदारी सीमित है, केवल एक महिला विधायक को अध्यक्षता दी गई है।
समितियों का कार्यकाल 31 मार्च तक रहेगा।
रूल्स कमेटी का कार्य नियमों की समीक्षा करना है।

जयपुर, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने 16 विधानसभा समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों की घोषणा की है। इनमें 12 सामान्य समितियां और 4 वित्तीय समितियां शामिल हैं।

इस गठित समितियों में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को एक साथ विधानसभा की नियम समिति (रूल्स कमेटी) में सदस्य बनाया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी इस समिति के पदेन अध्यक्ष होंगे। समिति में वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें श्रीचंद कृपलानी, चंद्रभान सिंह आक्या, हरीश चौधरी और दीप्ति किरण माहेश्वरी भी शामिल हैं।

16 समितियों में से 11 के अध्यक्ष भाजपा विधायकों को बनाया गया है, जबकि कांग्रेस को 3 समितियों की अध्यक्षता मिली है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो एक अहम वित्तीय समिति मानी जाती है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक को प्रश्न एवं संदर्भ समिति और नरेंद्र बुधानिया को पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जनरल पर्पज कमेटी का सदस्य बनाया गया है। यह समिति परंपरागत रूप से विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में काम करती है और इसमें 16 सदस्य होते हैं, जिनमें वरिष्ठ विधायक और नेता प्रतिपक्ष भी शामिल रहते हैं।

महिलाओं की भागीदारी की दृष्टि से देखें तो 16 समितियों में केवल एक समिति की अध्यक्षता महिला विधायक को सौंपी गई है। भाजपा विधायक कल्पना देवी को महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी समिति की जिम्मेदारी दी गई है।

इन समितियों का कार्यकाल अगले वर्ष 31 मार्च तक रहेगा। नई समितियां विधानसभा की कार्यप्रणाली की निगरानी, नीतियों की समीक्षा और शासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

रूल्स कमेटी का मुख्य कार्य विधानसभा के नियमों की समीक्षा करना, उनमें संशोधन करना और आवश्यक बदलावों की सिफारिश करना होता है, ताकि सदन की कार्यवाही और अधिक सुचारु और प्रभावी बन सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राजनीतिक सहयोग और संवाद का संकेत देता है। यह कदम विधानसभा की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान विधानसभा की समितियों का कार्यकाल कब तक रहेगा?
इन समितियों का कार्यकाल अगले वर्ष 31 मार्च तक रहेगा।
कौन-कौन से नेता नियम समिति में शामिल हैं?
नियम समिति में वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत और सचिन पायलट शामिल हैं।
महिलाओं की भागीदारी का क्या हाल है?
16 समितियों में केवल एक समिति की अध्यक्षता महिला विधायक को दी गई है।
पब्लिक अकाउंट्स कमेटी का अध्यक्ष कौन है?
टीकाराम जूली को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
रूल्स कमेटी का मुख्य कार्य क्या है?
रूल्स कमेटी का मुख्य कार्य विधानसभा के नियमों की समीक्षा और संशोधन करना है।
राष्ट्र प्रेस
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