महिला आरक्षण बिल गिरा, लेकिन हम जल्द ही आधी आबादी को उनका हक दिलाने का संकल्प रखते हैं: मनोज तिवारी
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल का गिरना एक महत्वपूर्ण घटना है।
- भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष पर आरोप लगाए।
- महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रयास जारी रहेगा।
- विपक्ष ने इस बिल को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- भविष्य में इस बिल को फिर से लाने का आश्वासन दिया गया है।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका। इस पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने शनिवार को विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पारित नहीं हो सका। महिला आरक्षण बिल 2023 में पास किया गया था और संविधान संशोधन के तहत इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया था। पिछले दो दिनों से संसद के विशेष सत्र में इसे लागू करने के लिए लाया गया था। इसके लागू करने के लिए सीटों का परिसीमन आवश्यक था। लेकिन विपक्ष ने इसे गिरा दिया। इस बिल को गिराने वालों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, टीएमसी, डीएमके और शरद पवार की एनसीपी शामिल हैं।
मनोज तिवारी ने कहा, "बिल का पास न होना हमारे लिए निराशाजनक था। पीएम मोदी की इच्छा थी कि देश की आधी आबादी को लोकसभा और विधानसभा में सीटें मिलें, जो पिछले 40 वर्षों से किसी न किसी कारणवश नहीं हो पाया। जब बिल गिरा, तो सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीट से उठ नहीं पाए, लेकिन इंडिया अलायंस के लोग जयघोष कर रहे थे। महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण को रोककर उन्हें अपनी सफलता लग रही थी।"
भाजपा सांसद ने कहा, "नारी सशक्तिकरण की बात सभी करते हैं, लेकिन विपक्ष उन्हें आगे नहीं आने देना चाहता। एक समय ऐसा आया कि कांग्रेस ने प्रस्ताव रखा कि जो आप 50 प्रतिशत आरक्षण की बात कर रहे हैं, उसे बिल में लिखकर दे दो, हम उसे पास करेंगे। इसके बाद अमित शाह ने तुरंत लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि कार्यवाही को एक घंटे के लिए रोकें, हम संशोधित करके बिल लाएंगे, लेकिन विपक्ष फिर कुछ बहाना बनाकर हट गया। देश यह सब देख रहा है।"
उन्होंने कहा, "एनडीए की शपथ है कि आज नहीं तो कल, दो-तिहाई बहुमत मिलने दीजिए। हम इसे पारित कराएंगे। देश की आधी आबादी और बहनें इस पर विचार करेंगी। हमारा बिल गिरा है, लेकिन हिम्मत नहीं हारी है। हम बहुत जल्द यह हक दिलाएंगे।"