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क्या छाले मुझे रोक सकते थे? मैंने प्रार्थना के सहारे जीवन का सफर तय किया: वसुंधरा राजे

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क्या छाले मुझे रोक सकते थे? मैंने प्रार्थना के सहारे जीवन का सफर तय किया: वसुंधरा राजे

सारांश

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने अनुभवों के आधार पर बताया कि कैसे दृढ़ता और प्रार्थना ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने में मदद की। उनकी यात्रा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि लोगों के साथ गहरे संबंधों का प्रतीक है। जानिए उनके विचार और दृष्टिकोण।

मुख्य बातें

दृढ़ता और प्रार्थना ने वसुंधरा राजे का मार्गदर्शन किया।
पदयात्रा का उद्देश्य जनता के साथ गहरा संबंध बनाना है।
राजनीति में समर्पण और सेवा का महत्व है।
जनता के प्रति नेताओं का उत्तरदायित्व होना चाहिए।
राजनीतिक यात्रा केवल चुनावी नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव की है।

जयपुर, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार को अपने जनसेवा के वर्षों को याद करते हुए कहा कि दृढ़ता, आस्था और जनता के प्रति समर्पण ने उनके पूरे राजनीतिक सफर में उनका मार्गदर्शन किया।

उन्होंने दुष्यंत सिंह की 'आशीर्वाद पदयात्रा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजे ने कहा कि सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जनता से जुड़े रहने के लिए अक्सर पदयात्राएं कीं।

उन्होंने कहा कि जब मेरे पैरों में छाले पड़ जाते थे, तो मैं उन्हें पिन से छेद कर आगे बढ़ती रहती थी। मैंने प्रार्थना के सहारे जीवन का सफर तय किया है। मेरे पैरों के छाले मुझे कभी रोक नहीं पाए।

आशीर्वाद पदयात्रा को विकास, विश्वास और प्रगति पर आधारित यात्रा बताते हुए राजे ने कहा कि यह नेतृत्व और क्षेत्र की जनता के बीच गहरे बंधन का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि कई नेता चुनाव के दौरान ही सामने आते हैं और जीतने के बाद गायब हो जाते हैं। वे पांच साल एयर कंडीशनर की आरामदायक सुविधाओं में बिताते हैं। हम इस तरह की राजनीति में विश्वास नहीं करते।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके और उनके परिवार के लिए यह क्षेत्र केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक परिवार है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को केवल मतदाता के रूप में नहीं देखते। हम उन्हें उनके भविष्य को संवारने में भागीदार मानते हैं।

दुष्यंत सिंह की प्रशंसा करते हुए राजे ने कहा कि वे निरंतर जनता के बीच रहते हैं और निर्वाचन क्षेत्र के हर कोने तक पहुंचने के लिए सच्चे प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है। यह हमारे लोगों की, हमारे लोगों के लिए और हमारे लोगों द्वारा की गई यात्रा है।

उन्होंने आगे कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक से जुड़ना, उनकी आवाज सुनना और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में काम करना है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान को सुनिश्चित करने, प्रत्येक नागरिक के उत्थान और हर वास्तविक समस्या के समाधान के बारे में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वसुंधरा राजे का यह बयान न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्षों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उनकी राजनीति जनता के प्रति गहरे समर्पण और संबंधों पर आधारित है। यह बात आज की राजनीति में महत्वपूर्ण है, जहां नेताओं को जनता के साथ जुड़े रहना आवश्यक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वसुंधरा राजे ने अपनी यात्रा में क्या सीखा?
उन्होंने सीखा कि दृढ़ता और प्रार्थना से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।
आशीर्वाद पदयात्रा का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य जनता के साथ जुड़ना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
राजे ने राजनीति में क्या बदलाव की उम्मीद की?
उन्होंने कहा कि नेताओं को जनता के प्रति समर्पित रहना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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