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बेटियों का सुरक्षित और आत्मनिर्भर समाज बनाने का संकल्प: कृष्णा गौर

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बेटियों का सुरक्षित और आत्मनिर्भर समाज बनाने का संकल्प: कृष्णा गौर

सारांश

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बेटियों के कल्याण के लिए सरकारों की मुहिम की चर्चा की। उन्होंने एक ऐसे सुरक्षित और आत्मनिर्भर समाज की आवश्यकता पर जोर दिया, जहाँ हर बेटी की शिक्षा और उत्थान हो।

मुख्य बातें

बेटियों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है।
आर्थिक स्वावलंबन और शैक्षणिक विकास जरूरी हैं।
सरकार ने आदर्श छात्रावासों का विकास किया है।
प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध है।
महिलाओं के व्यवसायों को आधुनिकता की ओर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

भोपाल, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि बेटियों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रयासरत हैं। अब हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहाँ बेटियाँ सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनें।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को शुभकामनाएँ देते हुए राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन और शैक्षणिक विकास ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज की नींव है। मध्य प्रदेश की सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के सिद्धांत पर चलकर महिलाओं को पूरा हक देने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला दिवस पर उन्होंने सभी से अपील की कि हम मिलकर एक ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बेटी सुरक्षित हो, हर महिला आत्मनिर्भर हो और हर मां के चेहरे पर मुस्कान हो।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री मोहन यादव के कुशल प्रशासन में आज का नया भारत 'महिलाओं के विकास' से आगे बढ़कर 'महिलाओं के नेतृत्व में विकास' की दिशा में अग्रसर है।

राज्यमंत्री गौर ने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके और 'अंत्योदय' का संकल्प साकार हो।

उन्होंने बताया कि 'विकसित भारत 2047' का सपना तब तक अधूरा है, जब तक समाज के सबसे वंचित वर्गों की महिलाओं का उत्थान नहीं होता। इसी उद्देश्य के साथ हमारी सरकार द्वारा बेटियों की उत्कृष्ट शिक्षा के लिए संचालित छात्रावासों को सभी सुविधाओं से युक्त 'आदर्श छात्रावास' के रूप में विकसित किया जा रहा है। छात्राओं को समय पर पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, 'सरदार पटेल कोचिंग योजना' और राष्ट्रीय 'सीड' परियोजना के माध्यम से बेटियों को यूपीएससी, एमपीपीएससी, नीट, जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है, ताकि वे प्रशासनिक और तकनीकी उच्च पदों पर चयनित हो सकें।

गौर ने कहा कि पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार उन्नत करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इससे उनके उत्पाद बाजार में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्णा गौर ने बेटियों के कल्याण के लिए क्या कहा?
कृष्णा गौर ने कहा कि बेटियों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रयासरत हैं, और एक ऐसा समाज बनाने की आवश्यकता है जहाँ बेटियाँ सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनें।
महिला दिवस पर कृष्णा गौर का संदेश क्या था?
महिला दिवस पर उन्होंने सभी से अपील की कि हम मिलकर एक ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बेटी सुरक्षित हो और हर महिला आत्मनिर्भर हो।
राष्ट्र प्रेस
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