अशोक गहलोत: कांग्रेस का महिला आरक्षण के प्रति अडिग समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की मजबूत समर्थक रही है। उन्होंने कहा कि इस विचार की नींव पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा रखी गई थी, जिन्होंने लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की थी।
गहलोत ने अपने बयान में कहा कि पिछले 25-30 वर्षों में लाखों महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में लाने का श्रेय राजीव गांधी और कांग्रेस को जाता है, जिन्होंने पंचायत राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की शुरुआत की।
उन्होंने कहा, ''महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना राजीव गांधी का सपना था और इसी सोच ने देशभर में ग्रामीण शासन व्यवस्था में परिवर्तन किया।''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि संसद में राजीव गांधी और यूपीए सरकार के योगदान को स्वीकार किया जाता तो सदन में एक सकारात्मक माहौल बन सकता था।
उन्होंने कहा, ''यदि प्रधानमंत्री इन योगदानों को मानते तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बेहतर तालमेल विकसित हो सकता था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने यह कहकर देश को गुमराह करने का प्रयास किया कि कांग्रेस और विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है।''
गहलोत ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों में व्यापक सहमति है।
उन्होंने कहा, ''कोई भी महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि इसके नाम पर परिसीमन (डिलिमिटेशन) को आगे बढ़ाया जा रहा है। इतना महत्वपूर्ण मुद्दा होने के नाते क्या सभी राज्यों, विशेषकर दक्षिणी राज्यों और अन्य हितधारकों से सलाह ली गई?''
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बातचीत की।
गहलोत ने कहा, ''यह एक ऐतिहासिक सुधार पर सभी को एक साथ लाने का अवसर था, लेकिन इसका सही उपयोग नहीं किया गया।''
कांग्रेस की महिला सशक्तिकरण की विरासत का उल्लेख करते हुए गहलोत ने कहा कि देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार जैसी उपलब्धियां कांग्रेस की देन हैं।
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत भाजपा के पास कभी भी राष्ट्रीय स्तर पर कोई महिला अध्यक्ष नहीं रही है।