कांग्रेस का विकास विरोधी चेहरा उजागर, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का विरोध: भाजपा
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य 33%25 आरक्षण है।
- कांग्रेस ने विधेयक का विरोध किया, जिससे महिलाओं में असुरक्षा का भाव पैदा हुआ।
- भाजपा का कहना है कि कांग्रेस का यह कदम विकास में बाधा डालता है।
- भाजपा ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता जताई।
जयपुर, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने शुक्रवार को लोकसभा में हुई बहस के बाद कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने राष्ट्रीय हित से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित होने से रोककर अपना 'विकास विरोधी चेहरा' एक बार फिर उजागर किया है।
राठौड़ ने बताया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिला आरक्षण विधेयक अर्थात् ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पारित होने से रोका, जिससे देश की करोड़ों महिलाओं के विश्वास को ठेस पहुंची है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए ३३ प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना था, जिसे राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना गया।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने इस संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन न करके देश की आधी आबादी के प्रतिनिधित्व को दबाने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का यह कदम दर्शाता है कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण से ज्यादा राजनीति को प्राथमिकता देते हैं।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर बाधाएं खड़ी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पार्टी की राजनीति केवल विरोध तक सीमित रह गई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का इतिहास संसद को बाधित करने और विकास से जुड़े कदमों को रोकने का रहा है।
राठौड़ ने यह भी कहा कि कांग्रेस पहले भी कई महत्वपूर्ण निर्णयों का विरोध कर चुकी है, जैसे कि अनुच्छेद 370 का हटाना, ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहलें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि कांग्रेस विकास में बाधा बन रही है।
राठौड़ ने जनता से अपील की कि वे कांग्रेस के 'नकारात्मक रवैये' को समझें और बताया कि भाजपा विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा संसद में जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी और देश के विकास में कोई बाधा नहीं आने देगी।