24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अशोक गहलोत ने केंद्र पर महिला आरक्षण, परिसीमन और आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अशोक गहलोत ने केंद्र पर महिला आरक्षण, परिसीमन और आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया

सारांश

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महिला आरक्षण, परिसीमन और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण पर गहलोत की कड़ी टिप्पणी परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने का आरोप कांग्रेस नेतृत्व की सरकार की नीतियों पर आलोचना जाति जनगणना की आवश्यकता पर जोर

जयपुर, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया में महिलाओं के लिए आरक्षण, परिसीमन और चुनावों के दौरान भाषण के समय को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

मोदी की उस टिप्पणी का जवाब देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की महिलाएं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को सबक सिखाएंगी, गहलोत ने सरकार के आत्मविश्वास को चुनौती दी।

गहलोत ने कहा कि अगर मोदी इतना आश्वस्त हैं, तो उन्हें लोकसभा भंग कर देनी चाहिए और इस मुद्दे पर नए चुनाव कराकर लोगों से नया जनादेश मांगना चाहिए।

उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि इसे 2011 की जनगणना के आधार पर करना अन्याय है, विशेषकर अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए।

गहलोत ने कहा कि 2026 की जाति जनगणना का इंतजार करने के बजाय, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के अधिकारों से वंचित करने के समान है। जाति जनगणना के बाद ही वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा प्राप्त होगा, जिससे उचित आरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के समय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए गहलोत ने कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनावों के दौरान ऐसे भाषण देना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि चुनाव के बीच में इस तरह का भाषण आचार संहिता का उल्लंघन है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होगी, क्योंकि चुनाव आयोग असल में भाजपा का चुनाव विभाग बन चुका है।

गहलोत की ये टिप्पणियां महिलाओं के आरक्षण, जाति जनगणना और परिसीमन पर चल रही राष्ट्रीय बहस को एक नया राजनीतिक आयाम दे रही हैं, और इसी के साथ कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार की आलोचना को और तेज कर दिया है।

इससे पहले, गहलोत ने कहा था कि सरकार पूरे देश में मनमाने तरीके से परिसीमन करने की योजना बना रही है। विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर लगातार चिंता जताता रहा है, जैसे कि असम में किया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर क्या प्रतिक्रिया दी?
गहलोत ने मोदी के भाषण को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया और केंद्र सरकार की आलोचना की।
गहलोत ने परिसीमन प्रक्रिया पर क्या कहा?
गहलोत ने 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को अन्यायपूर्ण बताया, खासकर अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले