रक्षा आत्मनिर्भरता पर राजनाथ सिंह: 12 वर्षों में भारत उपभोक्ता से उत्पादक बना
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'फोर्सेस फर्स्ट कॉन्क्लेव' को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में आयात-निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर एक निर्णायक यात्रा तय की है। उन्होंने इस बदलाव को केवल नीतिगत नहीं, बल्कि रणनीतिक सोच में आए मूलभूत परिवर्तन के रूप में रेखांकित किया।
सैनिकों का सम्मान — राष्ट्रीय गौरव का आधार
राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमाओं पर तैनात जवान, समुद्र की गहराइयों में राष्ट्र की रक्षा करने वाले नौसैनिक और आकाश की ऊँचाइयों पर देश की सुरक्षा में जुटे वायु योद्धा — ये सभी राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जो देश अपने सैनिकों का सम्मान करना नहीं जानता, उसका भविष्य कभी सुरक्षित नहीं हो सकता।'
पुराना माइंडसेट बदला, नई प्राथमिकताएँ तय हुईं
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ने सत्ता में आते ही 'राष्ट्र सर्वोपरि' और 'सेना सर्वोपरि' के भाव के साथ रक्षा क्षेत्र के पुनरुद्धार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों का नज़रिया भारत की क्षमताओं को लेकर संदेहास्पद था, जबकि वर्तमान सरकार भारत की क्षमता पर पूरा विश्वास रखती है।
उन्होंने कहा, 'रक्षा क्षेत्र में भारत को मज़बूत बनाने की दिशा में हमने जो सबसे बड़ा काम किया है, वह डिफेंस इंडस्ट्रियल सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का है।'
रणनीतिक स्वायत्तता और आयात-निर्भरता का खतरा
राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी कि यदि किसी देश को हथियार, गोला-बारूद, नेविगेशन सिस्टम, मिसाइलें, रडार और ड्रोन जैसी रक्षा ज़रूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़े, तो उसकी रणनीतिक और सैन्य स्वायत्तता सीमित हो जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करने की नीयत से काम कर रही है।
निर्यात की ओर बढ़ता भारत
रक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य केवल घरेलू ज़रूरतें पूरी करना नहीं, बल्कि एक ऐसा रक्षा औद्योगिक परिसर खड़ा करना है जो वैश्विक रक्षा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी को भी मज़बूत करे। गौरतलब है कि भारत का रक्षा निर्यात पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, और सरकार इसे और आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
परिवर्तन की दिशा — उपभोक्ता से उत्पादक
राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में केवल आधुनिकीकरण नहीं किया, बल्कि एक बड़े परिवर्तन की नींव रखी है — यह परिवर्तन निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर और उपभोक्ता से उत्पादक बनने की यात्रा है। आने वाले वर्षों में यह यात्रा भारत की वैश्विक रक्षा पहचान को नई ऊँचाई देगी।