कालकाजी गैंगरेप: पीड़िता का बयान — 'आसिफ ने गन निकाली, हेमू और दीपु ने चाकू से किया दुष्कर्म'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, कालकाजी इलाके में हुई गैंगरेप की घटना में पीड़िता ने 25 सितंबर 2026 को अपना बयान दर्ज कराया है, जिसमें उसने तीनों आरोपियों की पहचान और घटना का पूरा ब्यौरा पुलिस को दिया है। पीड़िता के अनुसार, तीनों आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे और उसके दोस्त को पार्क में रोका और बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
घटना से पहले का घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता अपने जन्मदिन के अवसर पर एक दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में पूजा के लिए गई थी और यह जानकारी उसने अपनी बहन को दी थी। शाम को पूजा-पाठ के बाद वे दोनों वापस लौटे और कालकाजी मेट्रो स्टेशन के बाहर से चिप्स और पानी की बोतल खरीदी।
पीड़िता ने बताया कि वे दोनों इसके बाद इस्कॉन मंदिर जाने का इरादा रखते थे, लेकिन उससे पहले खाने-पीने के लिए पास के एक पार्क में रुक गए। यहीं तीन युवकों ने उन्हें घेरा और खुद को पुलिसकर्मी बताया।
मुख्य घटनाक्रम: बयान में खुलासा
सूत्रों के अनुसार, पार्क में तीनों में से एक ने कहा, 'आसिफ भाई, गन निकाल।' आसिफ — जो बैंगनी रंग की शर्ट पहने और तीनों में सबसे मज़बूत शरीर वाला था — ने काले रंग की बंदूक निकाली और कुछ देर बाद वापस जेब में रख ली। इसके बाद दोनों अन्य आरोपियों ने चाकू निकाल लिए।
पीड़िता के बयान के अनुसार, आसिफ ने उसे एक सुनसान जगह ले जाकर लाल रंग की बेंच पर लिटा दिया और गर्दन पर चाकू रखकर जबरदस्ती की। इसके बाद उसने दूसरे आरोपी से कहा, 'हेमू, तुम आओ, मैं दीपु के पास जा रहा हूं।' हेमू पीड़िता को पास की दूसरी बेंच पर ले गया और उसने भी गर्दन पर चाकू रखकर दुष्कर्म किया।
इसके बाद दीपु — जिसे दोनों इस नाम से बुला रहे थे — वहाँ आया और उसने भी गर्दन पर चाकू रखकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने बताया कि इस दौरान वह बहुत दर्द में थी और रो रही थी।
धमकी और मोबाइल वापसी
सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपियों ने घटना के बाद पीड़िता और उसके दोस्त के मोबाइल फोन वापस किए और किसी को भी इस घटना की जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि पार्क से बाहर निकलने के बाद उसके दोस्त ने पुलिस को फोन किया।
जाँच की स्थिति
दिल्ली पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। सूत्रों के अनुसार पीड़िता के बयान में तीनों आरोपियों के नाम — आसिफ, हेमू और दीपु — सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। गौरतलब है कि यह घटना राजधानी में महिला सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाती है, विशेषकर उन इलाकों में जहाँ शाम के बाद पार्कों में निगरानी का अभाव रहता है।
पुलिस की जाँच आगे बढ़ने के साथ और विवरण सामने आने की संभावना है।