ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की शक्ति साबित: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ का नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में बयान

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ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की शक्ति साबित: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ का नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में बयान

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था — यह भारत के स्वदेशी रक्षा उद्योग की परीक्षा भी था। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के अनुसार, इस अभियान में देश में बने हथियारों और प्रणालियों ने अपनी क्षमता सिद्ध की, जो 'मेक इन इंडिया' रक्षा नीति की दिशा में एक निर्णायक संकेत है।

मुख्य बातें

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 5 मई 2026 को नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 में ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की सफलता का उल्लेख किया।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय रक्षा बलों ने आतंकवादियों के ठिकाने नष्ट कर शत्रुओं की योजनाएँ विफल कीं।
सेठ ने एमएसएमई को अर्थव्यवस्था की रीढ़ और स्टार्टअप्स को देश का ब्रांड एंबेसडर बताया।
उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के परिवर्तनकारी प्रभाव पर विशेष जोर दिया गया।
सिम्पोजियम का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई को किया था; इसमें यूएवी, ड्रोन, काउंटर यूएवी सहित अत्याधुनिक रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन हो रहा है।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 5 मई 2026 को नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय रक्षा बलों ने आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर शत्रुओं की कुटिल योजनाओं को नाकाम किया और इस अभियान में स्वदेशी हथियारों की शक्ति स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य ताकत अब देश के ही रक्षा उद्योगों में विकसित हो रही है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

ऑपरेशन सिंदूर और स्वदेशी हथियारों की भूमिका

सेठ ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय रक्षा बलों के अद्वितीय साहस और दृढ़ संकल्प को दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक हथियारों और प्रणालियों ने इस अभियान को और भी प्रभावशाली बनाया। उनके अनुसार, भारत में निर्मित उपकरणों का प्रभावी उपयोग रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने का ठोस प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन और निर्यात के आँकड़े दर्ज कर रहा है।

एमएसएमई और स्टार्टअप्स को विशेष महत्व

रक्षा राज्य मंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और स्टार्टअप्स को देश का ब्रांड एंबेसडर बताया। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ यह सवाल भी उठता है कि किन विशिष्ट हथियार प्रणालियों ने इस अभियान में निर्णायक भूमिका निभाई — जिसका सार्वजनिक सत्यापन अभी बाकी है। रक्षा निर्यात और उत्पादन के रिकॉर्ड आँकड़े उत्साहजनक हैं, परंतु आत्मनिर्भरता की असली कसौटी तब होगी जब भारत उच्च-तकनीकी युद्धक प्रणालियों में भी आयात-निर्भरता को सार्थक रूप से कम करे। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी पहलें सही दिशा में हैं, मगर एमएसएमई और स्टार्टअप्स से रक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की अपेक्षा तब तक अधूरी रहेगी जब तक दीर्घकालिक अनुसंधान एवं विकास निवेश और खरीद नीति में ठोस सुधार न हो।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की क्या भूमिका रही?
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में भारत में विकसित अत्याधुनिक हथियारों और प्रणालियों ने आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह अभियान रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का प्रमाण बताया गया है।
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 क्या है और इसका आयोजन किसने किया?
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 भारतीय सेना की उत्तरी और मध्य कमान तथा एसआईडीएम द्वारा आयोजित एक रक्षा प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी है। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई को किया था और इसमें यूएवी, ड्रोन, काउंटर यूएवी सहित अत्याधुनिक रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
संजय सेठ ने एमएसएमई और स्टार्टअप्स के बारे में क्या कहा?
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एमएसएमई को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और स्टार्टअप्स को देश का ब्रांड एंबेसडर बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का रक्षा क्षेत्र में क्या महत्व है?
रक्षा राज्य मंत्री ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को रक्षा उत्पादन में परिवर्तनकारी पहल बताया। यह कॉरिडोर घरेलू रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने और आयात-निर्भरता कम करने की दिशा में एक प्रमुख कदम है।
भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की वर्तमान स्थिति क्या है?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार भारत रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन और निर्यात दर्ज कर रहा है, जिसे नए भारत के उदय का प्रमाण बताया जा रहा है। हालाँकि, उच्च-तकनीकी युद्धक प्रणालियों में आयात-निर्भरता अभी भी एक चुनौती बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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