डीआरडीओ ने उद्योगों को सौंपीं 2,200 तकनीकें, रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर: राजनाथ सिंह
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई 2026 को प्रयागराज में 'नॉर्थ टेक सिम्पोजियम' के उद्घाटन सत्र में घोषणा की कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अब तक 2,200 तकनीकों को विभिन्न उद्योगों को हस्तांतरित कर चुका है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है, जबकि रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर है।
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम: मंच और संदर्भ
यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारतीय सेना की नॉर्दर्न और सेंट्रल कमांड तथा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स द्वारा आयोजित किया गया। इसमें रक्षा कर्मियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स ने भाग लिया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत तेज़ी से अपने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
तकनीक हस्तांतरण और बजट आवंटन
राजनाथ सिंह ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा उद्योग, अकादमिक संस्थानों और स्टार्टअप्स को आवंटित किया गया है। इन संस्थाओं ने अब तक इस बजट में से ₹4,500 करोड़ से अधिक का उपयोग किया है। नई 'टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पॉलिसी' के तहत पहले लगने वाली 20 प्रतिशत शुल्क को डेवलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर्स, डेवलपमेंट पार्टनर्स और प्रोडक्शन एजेंसियों के लिए पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
इसके अलावा, डीआरडीओ ने भारतीय उद्योगों को अपने पेटेंट्स मुफ्त में उपलब्ध कराने की नीति शुरू की है। डीआरडीओ की टेस्टिंग सुविधाएं भी शुल्क के आधार पर उद्योगों के लिए खोल दी गई हैं, जिनका हर साल सैकड़ों कंपनियाँ अनुसंधान और विकास के लिए उपयोग करती हैं।
आधुनिक युद्ध और 'सरप्राइज एलिमेंट'
मंत्री ने आधुनिक युद्ध में तकनीकी बदलाव की तेज़ रफ्तार पर ज़ोर देते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध में महज तीन-चार साल के भीतर युद्ध का स्वरूप टैंकों और मिसाइलों से बदलकर ड्रोन और सेंसर-आधारित हो गया। उन्होंने लेबनान और सीरिया में पेजर हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि रोज़मर्रा की चीजें भी घातक हथियारों में बदल रही हैं और ऐसे