डीआरडीओ ने उद्योगों को सौंपीं 2,200 तकनीकें, रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर: राजनाथ सिंह

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डीआरडीओ ने उद्योगों को सौंपीं 2,200 तकनीकें, रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर: राजनाथ सिंह

सारांश

डीआरडीओ ने 2,200 तकनीकें उद्योगों को सौंपीं, रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर — यह सिर्फ एक आँकड़ा नहीं, बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की नई इबारत है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस और आकाश जैसे स्वदेशी हथियारों के उपयोग ने साबित किया कि नीति और तकनीक का यह संगम अब मैदान में उतर चुका है।

मुख्य बातें

डीआरडीओ ने अब तक 2,200 तकनीकें विभिन्न उद्योगों को हस्तांतरित की हैं।
रक्षा आरएंडडी बजट का 25% उद्योग, अकादमिक संस्थानों और स्टार्टअप्स को आवंटित; ₹4,500 करोड़ से अधिक का उपयोग।
वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ और रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर।
नई टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 20% शुल्क समाप्त; डीआरडीओ के पेटेंट्स उद्योगों को मुफ्त।
ऑपरेशन सिंदूर में आकाशतीर , आकाश मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस जैसे स्वदेशी हथियारों का उपयोग।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई 2026 को प्रयागराज में 'नॉर्थ टेक सिम्पोजियम' के उद्घाटन सत्र में घोषणा की कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अब तक 2,200 तकनीकों को विभिन्न उद्योगों को हस्तांतरित कर चुका है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है, जबकि रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर है।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम: मंच और संदर्भ

यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारतीय सेना की नॉर्दर्न और सेंट्रल कमांड तथा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स द्वारा आयोजित किया गया। इसमें रक्षा कर्मियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स ने भाग लिया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत तेज़ी से अपने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

तकनीक हस्तांतरण और बजट आवंटन

राजनाथ सिंह ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा उद्योग, अकादमिक संस्थानों और स्टार्टअप्स को आवंटित किया गया है। इन संस्थाओं ने अब तक इस बजट में से ₹4,500 करोड़ से अधिक का उपयोग किया है। नई 'टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पॉलिसी' के तहत पहले लगने वाली 20 प्रतिशत शुल्क को डेवलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर्स, डेवलपमेंट पार्टनर्स और प्रोडक्शन एजेंसियों के लिए पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

इसके अलावा, डीआरडीओ ने भारतीय उद्योगों को अपने पेटेंट्स मुफ्त में उपलब्ध कराने की नीति शुरू की है। डीआरडीओ की टेस्टिंग सुविधाएं भी शुल्क के आधार पर उद्योगों के लिए खोल दी गई हैं, जिनका हर साल सैकड़ों कंपनियाँ अनुसंधान और विकास के लिए उपयोग करती हैं।

आधुनिक युद्ध और 'सरप्राइज एलिमेंट'

मंत्री ने आधुनिक युद्ध में तकनीकी बदलाव की तेज़ रफ्तार पर ज़ोर देते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध में महज तीन-चार साल के भीतर युद्ध का स्वरूप टैंकों और मिसाइलों से बदलकर ड्रोन और सेंसर-आधारित हो गया। उन्होंने लेबनान और सीरिया में पेजर हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि रोज़मर्रा की चीजें भी घातक हथियारों में बदल रही हैं और ऐसे

संपादकीय दृष्टिकोण

200 तकनीकों का हस्तांतरण और ₹1.54 लाख करोड़ का रक्षा उत्पादन निश्चित रूप से उत्साहजनक है, लेकिन असली कसौटी यह है कि इन तकनीकों में से कितनी वास्तव में उत्पादन लाइन तक पहुँची हैं और कितनी केवल कागज़ों पर हस्तांतरित हुई हैं। ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों के उपयोग की स्वीकृति एक सकारात्मक संकेत है, परंतु रक्षा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी वैश्विक बाज़ार के मुकाबले अभी भी सीमित है। iDEX और ADITI जैसी पहलें स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ रही हैं, लेकिन बड़े रक्षा ठेकों में निजी क्षेत्र की वास्तविक भागीदारी अभी भी सार्वजनिक क्षेत्र के वर्चस्व के सामने सीमित दिखती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरडीओ ने उद्योगों को कितनी तकनीकें हस्तांतरित की हैं?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, डीआरडीओ अब तक 2,200 तकनीकों को विभिन्न उद्योगों को हस्तांतरित कर चुका है। यह हस्तांतरण नई टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पॉलिसी के तहत हो रहा है जिसमें 20% शुल्क समाप्त कर दिया गया है।
भारत का रक्षा उत्पादन और निर्यात 2025-26 में कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, जबकि रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर रहा। ये दोनों आँकड़े अब तक के सर्वोच्च हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में कौन-से स्वदेशी हथियारों का उपयोग हुआ?
राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में आकाशतीर, आकाश मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक स्वदेशी मिसाइलों का उपयोग किया गया। मंत्री ने इसे तकनीकी युद्ध और देश की तैयारी का बेहतरीन उदाहरण बताया।
रक्षा आरएंडडी बजट का कितना हिस्सा निजी क्षेत्र को मिलता है?
रक्षा आरएंडडी बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा उद्योग, अकादमिक संस्थानों और स्टार्टअप्स को आवंटित किया गया है। इन संस्थाओं ने अब तक ₹4,500 करोड़ से अधिक का उपयोग किया है।
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम भारतीय सेना की नॉर्दर्न और सेंट्रल कमांड तथा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रक्षा-तकनीक सम्मेलन है। इसका आयोजन 4 मई 2026 को प्रयागराज में हुआ, जिसमें रक्षा कर्मी, उद्योग प्रतिनिधि, इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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