सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में स्वदेशी रक्षा तकनीकों का निरीक्षण किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार, 5 मई 2026 को प्रयागराज में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में भाग लिया और स्वदेशी रूप से विकसित आधुनिक रक्षा तकनीकों एवं नवाचारों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर की 284 कंपनियों ने अपने रक्षा उत्पाद और तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए हैं।
सिम्पोजियम में क्या प्रदर्शित हुआ
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में आधुनिक युद्ध प्रणालियाँ, निगरानी उपकरण, संचार प्रणालियाँ और उन्नत रक्षा समाधानों का प्रदर्शन किया गया। सिम्पोजियम में थल सेनाध्यक्ष को विभिन्न उद्योग साझेदारों द्वारा विकसित स्वदेशी रक्षा तकनीकों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी गई। इन तकनीकों को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
आयोजन का उद्देश्य और संरचना
यह सिम्पोजियम 4 मई से 6 मई 2026 तक उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई को किया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सेना की उत्तरी कमान और मध्य कमान द्वारा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के सहयोग से किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन में छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों के साथ-साथ निजी रक्षा कंपनियाँ, स्टार्ट-अप और सेना से जुड़े नवोन्मेषक भी शामिल हुए हैं।
सेना प्रमुख की प्रतिक्रिया
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारतीय सेना और स्वदेशी रक्षा उद्योग के बीच हो रहे समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल आत्मनिर्भरता को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि यह आयोजन सशस्त्र बलों, उद्योग और अकादमिक जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर केंद्रित है।
आत्मनिर्भर रक्षा इकोसिस्टम पर ज़ोर
सिम्पोजियम का मुख्य उद्देश्य ऐसी तकनीकों की पहचान करना है जिन्हें सीधे सैन्य क्षेत्रों में उपयोग किया जा सके। इसके साथ ही उपकरणों के रखरखाव को बेहतर बनाने और रक्षा खरीद प्रक्रिया को सरल एवं अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में आयात निर्भरता घटाने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर सक्रिय है।
आगे की राह
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम भारतीय रक्षा क्षेत्र में नवाचार, साझेदारी और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभर रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भारत की सैन्य क्षमताओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।