सूर्यकुमार यादव की क्रिकेटरों से अपील: दूसरे खेलों को दें बढ़ावा, 'हम सब पहले टीम इंडिया हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने राष्ट्रीय खेल दिवस, 29 अगस्त के अवसर पर देश के क्रिकेटरों से आग्रह किया कि वे अपने सोशल मीडिया प्रभाव का उपयोग दूसरे खेलों को प्रोत्साहित करने में करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रिकेट हो या हॉकी, कुश्ती हो या बैडमिंटन — सभी भारतीय खिलाड़ी एक ही राष्ट्रीय खेल इकोसिस्टम के हिस्से हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस का संदेश
35 वर्षीय सूर्यकुमार ने कहा कि यह दिन उन्हें खेल के मूल मूल्यों और भारतीय जर्सी पहनने की जिम्मेदारी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि राष्ट्रीय खेल दिवस का मतलब है कि खेल आपको क्या सिखाते हैं। क्रिकेट के नजरिए से देखें तो भारतीय जर्सी पहनना बहुत मायने रखता है। हम सिर्फ 11 खिलाड़ियों या स्क्वाड के 15 खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते, हम लगभग 1.4 अरब लोगों के सपनों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।'
उन्होंने जोड़ा, 'यह दिन मुझे याद दिलाता है कि जब भी हम मैदान पर कदम रखते हैं, तो हम अपने पूरे देश की भावना को साथ लेकर चलते हैं।'
क्रिकेट का दबदबा और जिम्मेदारी
सूर्यकुमार ने भारत में क्रिकेट की असाधारण लोकप्रियता को स्वीकार करते हुए कहा कि इसी लोकप्रियता के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने कहा, 'बिल्कुल। मैं बहुत आभार के साथ यह कहता हूं कि भारत में खेलों की बातचीत में क्रिकेट का दबदबा है। हालांकि, साथ ही क्रिकेट ने हमें सब कुछ दिया है क्योंकि भारत ने क्रिकेट को बहुत प्यार दिया है।' यह टिप्पणी उस व्यापक बहस के बीच आई है जिसमें यह सवाल उठाया जाता रहा है कि क्रिकेट की छाया में अन्य खेलों को पर्याप्त ध्यान और संसाधन मिल पाते हैं या नहीं।
सोशल मीडिया से बदलाव की पहल
विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती उपलब्धियों का हवाला देते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि एक बड़े क्रिकेटर की छोटी सी पहल भी दूसरे खेलों की ओर जनता का ध्यान खींच सकती है। उनके शब्दों में, 'आज, जब मैं अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों को वैसे ही भारत का नाम रोशन करते देखता हूं जैसे क्रिकेटर करते हैं, तो मुझे लगता है कि हमारी भी जिम्मेदारी है। चाहे सोशल मीडिया पर किसी दूसरे खेल के बारे में पोस्ट करना हो या बस एक इंस्टाग्राम स्टोरी लगाना हो, इससे दूसरे खेल पर लोगों का ध्यान जा सकता है।'
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारतीय एथलीटों ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, फिर भी इन खेलों को मीडिया कवरेज और स्पॉन्सरशिप में क्रिकेट की तुलना में बेहद कम हिस्सेदारी मिलती है।
एकता का आह्वान
सूर्यकुमार ने अपने साथी क्रिकेटरों से सक्रिय रूप से दूसरे खेलों का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि खेल में सफलता अंततः एक ही राष्ट्रीय उद्देश्य को पूरा करती है। उन्होंने अपनी बात इन शब्दों में समाप्त की, 'हमें निश्चित रूप से ऐसा करना चाहिए क्योंकि आखिरकार, हम सब सबसे पहले टीम इंडिया हैं।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार और खेल संघ देश में खेल संस्कृति को व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। सूर्यकुमार की यह अपील क्रिकेट-केंद्रित खेल परिदृश्य में बदलाव की एक सकारात्मक कोशिश के रूप में देखी जा रही है।