28 जून 2026
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भरत तिवारी एनकाउंटर: राजद ने मांगा परिवार को न्याय, पोस्टमार्टम में 5 गोलियों का खुलासा; जदयू बोला- दोषियों पर होगी कार्रवाई

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भरत तिवारी एनकाउंटर: राजद ने मांगा परिवार को न्याय, पोस्टमार्टम में 5 गोलियों का खुलासा; जदयू बोला- दोषियों पर होगी कार्रवाई

सारांश

भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बिहार की राजनीति में आग लगा दी है। राजद ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताया और परिवार को न्याय माँगा, जबकि जदयू ने न्यायिक जाँच पर भरोसा जताया। पाँच गोलियों की दिशा और स्थान ने सवाल और गहरे कर दिए हैं।

मुख्य बातें

भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाँच गोलियों के निशान मिले — सभी दोनों जाँघों और बाएँ पैर में।
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एनकाउंटर को 'प्रथम दृष्टया फर्जी' बताया और परिवार को न्याय दिलाने की माँग की।
तेजस्वी यादव और राजद ने घटनास्थल पर प्रतिनिधिमंडल भेजा और न्यायिक जाँच की माँग दोहराई।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि न्यायिक समिति मामले की समीक्षा करेगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
मामले की न्यायिक जाँच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।

बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। रिपोर्ट के अनुसार तिवारी को कुल पाँच गोलियाँ लगी थीं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार देते हुए सरकार से परिवार को न्याय दिलाने की माँग की है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के घटक दल जनता दल (यूनाइटेड) ने न्यायिक जाँच पर भरोसा जताया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया

उपलब्ध पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार भरत तिवारी के शरीर पर पाँच गोलियों के निशान पाए गए। पहली गोली बाएँ जाँघ के ऊपरी हिस्से में सामने की ओर से लगी थी। दूसरी गोली भी बाएँ जाँघ के मध्य भाग में भीतर की तरफ लगी पाई गई। तीसरी गोली दाहिनी जाँघ के बीच वाले हिस्से में भीतर लगी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक चौथी गोली दाहिनी जाँघ में बाहरी हिस्से से अंदर की ओर गई थी, और पाँचवीं गोली बाएँ पैर के मध्य भाग में पीछे की तरफ से लगी थी। गोलियों की दिशा और स्थान को लेकर विपक्ष ने एनकाउंटर की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं।

राजद का रुख: न्यायिक जाँच और परिवार को इंसाफ

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'एनकाउंटर फर्जी था। फिलहाल इसकी न्यायिक जाँच के आदेश दिए गए हैं। हमारा मानना है कि दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और सरकार भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने का काम करे।'

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की यह प्राथमिकता होनी चाहिए कि हर व्यक्ति संविधान और कानून के अनुसार काम करे। मृत्युंजय तिवारी ने जोड़ा कि 'प्रथम दृष्टया यह एनकाउंटर बिल्कुल फर्जी था।' उन्होंने बताया कि राजद ने घटनास्थल पर एक प्रतिनिधिमंडल भी भेजा था, जिसने पूरे मामले का जायज़ा लिया। पार्टी नेता तेजस्वी यादव ने भी परिवार को न्याय दिलाने की माँग दोहराई है।

जदयू का जवाब: न्यायिक समिति करेगी फैसला

विपक्ष के आरोपों के बीच जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि न्यायिक समिति पूरे मामले की समीक्षा करेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एनकाउंटर को फर्जी मानने से इनकार करते हुए जाँच प्रक्रिया पर भरोसा जताया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में विधानसभा चुनावों की तैयारी की पृष्ठभूमि में सत्ता और विपक्ष के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि पुलिस एनकाउंटर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना राजद की रणनीतिक राजनीति का हिस्सा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के विवरण ने इस बार विवाद को ठोस आधार दिया है। न्यायिक जाँच समिति की रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाएगी और इसके निष्कर्ष राज्य की कानून-व्यवस्था की छवि पर असर डाल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में ऐसी जाँचों के अतीत के परिणाम बताते हैं कि रिपोर्ट आने में महीनों लग सकते हैं और जवाबदेही अक्सर अधूरी रहती है। राजद की माँग राजनीतिक है, यह सच है — लेकिन पोस्टमार्टम के तथ्य उस माँग को महज़ विपक्षी बयानबाजी तक सीमित नहीं रहने देते। असली सवाल यह है कि न्यायिक समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या नहीं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी कौन थे और उनका एनकाउंटर कहाँ हुआ?
भरत तिवारी बिहार के भोजपुर जिले के निवासी थे, जिनकी पुलिस एनकाउंटर में मौत हुई। यह घटना भोजपुर जिले में हुई, जिसके बाद से राजनीतिक और कानूनी विवाद जारी है।
भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार भरत तिवारी को कुल पाँच गोलियाँ लगी थीं — दोनों जाँघों और बाएँ पैर में। गोलियों की दिशा और स्थान ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल खड़े किए हैं।
राजद ने इस मामले में क्या माँग की है?
राजद ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सरकार से भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की माँग की है। पार्टी ने घटनास्थल पर प्रतिनिधिमंडल भी भेजा था।
जदयू का इस मामले पर क्या रुख है?
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि न्यायिक समिति पूरे मामले की जाँच करेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जदयू ने एनकाउंटर को फर्जी मानने से इनकार किया है।
इस मामले में न्यायिक जाँच का क्या स्तर है?
मामले की न्यायिक जाँच के आदेश दिए जा चुके हैं। एक न्यायिक समिति पूरे प्रकरण की समीक्षा करेगी, जिसके निष्कर्ष एनकाउंटर की वैधता और पुलिस की जवाबदेही तय करने में निर्णायक होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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