27 जून 2026
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भरत तिवारी एनकाउंटर: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाँच गोलियों की पुष्टि, न्यायिक आयोग गठित

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भरत तिवारी एनकाउंटर: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाँच गोलियों की पुष्टि, न्यायिक आयोग गठित

सारांश

भोजपुर एनकाउंटर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पाँच गोलियों की पुष्टि की — सभी निचले अंगों में। CM सम्राट चौधरी ने न्यायिक आयोग गठित किया और दोषियों पर कार्रवाई का वादा किया, लेकिन विपक्ष निष्पक्ष जाँच की माँग पर अड़ा है।

मुख्य बातें

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि: भरत तिवारी को भोजपुर एनकाउंटर में कुल पाँच गोलियाँ लगी थीं।
सभी पाँचों गोलियाँ निचले अंगों (दोनों जाँघों और बाएँ पैर) में लगी थीं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा की।
CM ने चेतावनी दी कि 30 दिनों में आदेश न देने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी निलंबित होगा।
विपक्ष इस कथित फर्जी मुठभेड़ की निष्पक्ष जाँच की माँग पर अड़ा है।

बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अहम खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, भरत तिवारी को कुल पाँच गोलियाँ लगी थीं। यह मामला कथित फर्जी मुठभेड़ के आरोपों के बीच राज्य की राजनीति में केंद्रबिंदु बना हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या मिला

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के विवरण के अनुसार, पहली गोली बाएँ जाँघ के ऊपरी हिस्से में सामने की ओर से लगी। दूसरी गोली बाएँ जाँघ के मध्य भाग में भीतर की तरफ पाई गई। तीसरी गोली दाहिनी जाँघ के बीच वाले हिस्से में भीतर से लगी थी।

रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि चौथी गोली दाहिनी जाँघ के बाहरी हिस्से से अंदर की ओर गई, जबकि पाँचवीं गोली बाएँ पैर के मध्य भाग में पीछे की तरफ से लगी थी। सभी पाँचों घाव निचले अंगों में केंद्रित हैं — एक तथ्य जो जाँचकर्ताओं और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है।

सरकार की प्रतिक्रिया और न्यायिक आयोग

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम के मंच से इस मामले पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, 'जब भी कोई गंभीर समस्या सामने आती है, तो सरकार तत्परता से उस पर संज्ञान लेती है। हाल ही में भोजपुर में हुई घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार सरकार ने एक उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। सरकार का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदन पर 30 दिनों के भीतर आदेश जारी नहीं होता, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को सीधे निलंबित करने का आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी किया जाएगा।

विपक्ष का रुख

इस कथित फर्जी मुठभेड़ को लेकर पिछले कई दिनों से बिहार की सियासत गरम है। विपक्षी दलों ने सरकार पर लगातार हमला बोलते हुए मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जाँच की माँग की है। आलोचकों का कहना है कि न्यायिक आयोग का गठन तभी सार्थक होगा जब उसे पर्याप्त अधिकार और समयसीमा दी जाए।

आगे क्या होगा

गठित उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग अब भोजपुर एनकाउंटर की परिस्थितियों की जाँच करेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान के अनुसार, दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष इस जाँच में अहम साक्ष्य के रूप में काम आएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा आयोग की स्वायत्तता और उसके निष्कर्षों पर होगी। बिहार में पुलिस एनकाउंटरों की जाँच का इतिहास मिला-जुला रहा है — बिना पारदर्शी कार्यप्रणाली के, यह आयोग भी राजनीतिक दबाव-शमन का साधन बनकर रह सकता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला क्या है?
बिहार के भोजपुर में हुई एक पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हो गई। विपक्ष इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बता रहा है और निष्पक्ष जाँच की माँग कर रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या पाया गया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार भरत तिवारी को पाँच गोलियाँ लगी थीं — दोनों जाँघों और बाएँ पैर के निचले हिस्सों में। सभी घाव निचले अंगों में केंद्रित हैं।
बिहार सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
विपक्ष की क्या माँग है?
विपक्षी दल इस मामले को कथित फर्जी मुठभेड़ बताते हुए सरकार से स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच की माँग कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि न्यायिक आयोग को पर्याप्त अधिकार मिलने चाहिए।
CM सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को क्या चेतावनी दी?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि किसी आवेदन पर 30 दिनों के भीतर आदेश जारी नहीं होता, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को सीधे निलंबित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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