23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट पेपर लीक: सीजेपी ने कोलकाता पुलिस से 24 जुलाई की रैली की मांगी अनुमति, पुलिस ने शुरू की जांच

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट पेपर लीक: सीजेपी ने कोलकाता पुलिस से 24 जुलाई की रैली की मांगी अनुमति, पुलिस ने शुरू की जांच

सारांश

नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन को दिल्ली से बाहर ले जाने की कोशिश में सीजेपी ने कोलकाता में रैली की अनुमति मांगी — पर पुलिस ने पहली बार इनकार किया और दूसरी बार जांच शुरू कर दी। 24 जुलाई की रैली पर फैसला अभी बाकी है।

मुख्य बातें

सीजेपी ने कोलकाता पुलिस को दो ईमेल भेजकर — 22 जुलाई और 24 जुलाई — को रैली की अनुमति मांगी।
दोनों ईमेल कथित तौर पर सीजेपी सदस्य देदीप्यो गांगोपाध्याय ने भेजे; उन्होंने मीडिया के सामने इसकी पुष्टि की।
पुलिस ने 22 जुलाई की रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया; 24 जुलाई की रैली पर फैसला लंबित।
दूसरे ईमेल के बाद कोलकाता पुलिस ने गांगोपाध्याय के बारे में जांच शुरू की।
प्रस्तावित रैली कॉलेज स्ट्रीट से रानी रश्मोनी रोड तक, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के समर्थन में।
पुलिस ने चेतावनी दी — बिना अनुमति रैली हुई तो एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।

कोलकाता में नीट परीक्षा पेपर लीक और संबंधित मुद्दों के विरोध में अपना आंदोलन विस्तार देने की कोशिश में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कोलकाता पुलिस को ईमेल भेजकर शहर में रैली निकालने की अनुमति मांगी है। यह प्रस्तावित रैली सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जारी अनशन के समर्थन में आयोजित की जानी है।

अनुमति के लिए दो ईमेल, दोनों बार इनकार

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 19 जुलाई को कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) को एक ईमेल भेजा गया था, जिसमें 22 जुलाई को शाम 4 बजे से उत्तर कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट से मध्य कोलकाता के रानी रश्मोनी रोड तक रैली की अनुमति मांगी गई थी। यह ईमेल कथित तौर पर सीजेपी के सक्रिय सदस्य देदीप्यो गांगोपाध्याय ने भेजा था।

पुलिस अधिकारियों ने 22 जुलाई की प्रस्तावित रैली को अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसी ईमेल पते से पुलिस को एक और ईमेल मिला, जिसमें 24 जुलाई को उसी मार्ग पर रैली निकालने की अनुमति मांगी गई। यह दूसरा ईमेल भी कथित तौर पर देदीप्यो गांगोपाध्याय की ओर से भेजा गया था।

कोलकाता पुलिस ने शुरू की जांच

दूसरे ईमेल के बाद कोलकाता पुलिस ने गांगोपाध्याय के बारे में जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि गांगोपाध्याय ने खुद को सीजेपी का सक्रिय सदस्य बताया है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने पुष्टि की कि रैली की अनुमति के लिए दोनों ईमेल उन्होंने ही भेजे थे और अभी तक पुलिस की ओर से कोई मंजूरी नहीं मिली है।

ममता बनर्जी के बयान से जुड़ा संदर्भ

यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को पार्टी की वार्षिक शहीद दिवस रैली में घोषणा की थी कि वह नीट पेपर लीक और संबंधित मुद्दों पर सीजेपी के आंदोलन के समर्थन में नई दिल्ली जाएंगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोलकाता में रैली की अनुमति मांगने वाला दूसरा ईमेल भी उसी दिन — 21 जुलाई को — भेजा गया था।

गांगोपाध्याय ने क्या कहा

देदीप्यो गांगोपाध्याय ने कहा, 'हमने छात्रों, युवाओं और नागरिक समाज के लोगों को इस रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। पश्चिम बंगाल में स्कूल भर्ती के बदले नकद लेने के कथित घोटाले या शिक्षा से जुड़े अन्य विवादों में शामिल लोगों से रैली से दूर रहने को कहा गया है।' जब उनसे पूछा गया कि यदि पुलिस अनुमति नहीं देती तो क्या रैली फिर भी निकाली जाएगी, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

पुलिस की चेतावनी

कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि बिना अनुमति के रैली निकाली जाती है, तो उससे निपटने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। 24 जुलाई की प्रस्तावित रैली पर अनुमति का फैसला अभी लंबित है और सीजेपी का अगला कदम इस पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो TMC की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं और विपक्षी एकजुटता की कोशिश दोनों को दर्शाता है। पुलिस द्वारा अनुमति से इनकार और फिर जांच शुरू करना — यह संकेत देता है कि राज्य सरकार इस आंदोलन को नियंत्रित करना चाहती है, भले ही उसकी नेता ने मौखिक समर्थन दिया हो। बिना अनुमति रैली की संभावना और पुलिस की चेतावनी — यह टकराव की स्थिति बना सकती है जो खुद नीट मुद्दे से ज़्यादा सुर्खियाँ बटोरे।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी ने कोलकाता में रैली क्यों निकालना चाहती है?
सीजेपी नीट परीक्षा पेपर लीक और संबंधित मुद्दों के विरोध में अपना आंदोलन नई दिल्ली से बाहर विस्तार देना चाहती है। यह रैली सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जारी अनशन के समर्थन में प्रस्तावित है।
कोलकाता में प्रस्तावित रैली का मार्ग क्या है?
प्रस्तावित रैली उत्तर कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट से मध्य कोलकाता के रानी रश्मोनी रोड तक निकाली जानी है। पहले 22 जुलाई और फिर 24 जुलाई के लिए अनुमति मांगी गई।
कोलकाता पुलिस ने रैली की अनुमति क्यों नहीं दी?
पुलिस ने 22 जुलाई की रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया। 24 जुलाई की रैली पर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति रैली निकाली गई तो एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
देदीप्यो गांगोपाध्याय कौन हैं और उनकी क्या भूमिका है?
देदीप्यो गांगोपाध्याय ने खुद को सीजेपी का सक्रिय सदस्य बताया है। उन्होंने मीडिया के सामने पुष्टि की कि कोलकाता पुलिस को रैली की अनुमति के लिए दोनों ईमेल उन्होंने ही भेजे थे।
ममता बनर्जी का इस आंदोलन से क्या संबंध है?
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को शहीद दिवस रैली में घोषणा की थी कि वह नीट पेपर लीक मुद्दे पर सीजेपी के आंदोलन के समर्थन में नई दिल्ली जाएंगी। उसी दिन कोलकाता में रैली की अनुमति के लिए दूसरा ईमेल भी भेजा गया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 3 दिन पहले
  8. 1 सप्ताह पहले