नीट पेपर लीक विरोध: जयपुर के पत्रिका गेट पर छात्रों का प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर के जवाहर सर्कल स्थित पत्रिका गेट पर 24 जुलाई को बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी एकत्र हुए और नीट पेपर लीक के विरोध में नारेबाज़ी करते हुए परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की माँग की। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब राजस्थान की राजधानी तक पहुँच गया है, जो देशभर में बढ़ती छात्र बेचैनी का संकेत है।
मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने बैनर और तख्तियाँ लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित परीक्षा लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग रखी। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। छात्रों ने पारदर्शी जाँच और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की अपनी माँगें दोहराईं।
गौरतलब है कि 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र और युवा संगठन नीट परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ लगातार धरना दे रहे हैं। इस आंदोलन को राजनेताओं, खिलाड़ियों, बॉलीवुड हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का व्यापक समर्थन मिला है।
राजस्थान के नेताओं की भागीदारी
बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष निर्मल चौधरी प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए जंतर-मंतर पहुँचे। यह दौरा उस समय हुआ जब कुछ दिन पहले संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने लाठीचार्ज और आँसू गैस का प्रयोग किया था।
दोनों नेताओं ने छात्रों से मुलाकात की और केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार से संवाद के माध्यम से उनकी चिंताओं का समाधान करने का आग्रह किया।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त
इसी दौरान, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से बातचीत के बाद गुरुवार देर रात अपनी 26 दिन की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त की। उन्होंने मंत्रियों की उपस्थिति में जूस पीकर अपना उपवास तोड़ा।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिये वांगचुक के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर भी बात करते हुए सख्त कानूनी प्रावधानों, पेपर लीक मामलों के लिए त्वरित अदालतों और परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता को मज़बूत करने के उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
आगे क्या
दिल्ली में हुई घटनाओं के बाद राजस्थान सहित कई राज्यों में इसी तरह के प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पारदर्शी जाँच और ठोस सुधारों की गारंटी नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में यह विरोध और अधिक राज्यों में फैलने की संभावना है।