पनामा नहर से जुड़े जहाजों पर चीन की गतिविधियों को लेकर अमेरिका की चेतावनी
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वाशिंगटन, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका ने चीन को चेतावनी दी है कि पनामा का झंडा लगाए जहाजों पर निशाना साधने वाले कदम एक महत्वपूर्ण वैश्विक व्यापार मार्ग के लिए खतरा हैं, जिससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए खर्च बढ़ सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि पनामा का झंडा लगे जहाजों के खिलाफ चीन के हालिया कदम पनामा में कानून के शासन को कमजोर करने के लिए आर्थिक साधनों का उपयोग करने को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न करते हैं।
उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही में रुकावट, देरी और अन्य बाधाएं वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता को कमजोर करती हैं, जिससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए लागत में वृद्धि होती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली में विश्वास घटता है।
ये टिप्पणियां चीनी बंदरगाहों पर पनामा का झंडा लगाए जहाजों के निरीक्षण और उन्हें रोकने की घटनाओं में वृद्धि की रिपोर्टों के बाद आई हैं। पनामा के अधिकारियों ने जांच-पड़ताल में वृद्धि की बात स्वीकार की है, जिसके परिणामस्वरूप समुद्री परिचालन में देरी और व्यवधान आया है।
यह विवाद बाल्बोआ और क्रिस्टोबाल टर्मिनलों पर पनामा के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद उत्पन्न हुआ है। अदालत ने हांगकांग स्थित एक कंपनी को दी गई एक लंबे समय से चली आ रही रियायत को रद्द कर दिया और सरकार को बंदरगाहों का नियंत्रण अपने हाथ में लेने तथा नए ऑपरेटर नियुक्त करने की अनुमति दी।
रूबियो ने कहा कि अदालत के फैसले ने पारदर्शिता और कानून के शासन को संरक्षित किया और निजी ऑपरेटरों को जनहित के प्रति जिम्मेदार बनाया। उन्होंने आगे कहा कि यह दर्शाता है कि पनामा अंतरराष्ट्रीय निवेश और व्यावसायिक अवसरों के लिए एक विश्वसनीय भागीदार है।
अमेरिका ने पनामा की संप्रभुता के प्रति अपने समर्थन की भी पुष्टि की है। रूबियो ने कहा कि वाशिंगटन पनामा के साथ मजबूती से खड़ा है और देश के साथ आर्थिक तथा सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने की संभावना रखता है।
पनामा नहर वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा संभालती है। जहाजों की आवाजाही में कोई भी व्यवधान आपूर्ति श्रृंखलाओं में दूरगामी प्रभाव डाल सकता है, जिससे ऊर्जा, विनिर्माण और उपभोक्ता वस्तुओं पर असर पड़ सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों ने नहर के पास रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर लगातार चिंता व्यक्त की है।