चीन ने अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी को बताया ‘खतरनाक’
सारांश
Key Takeaways
- चीन ने अमेरिका की नाकेबंदी को खतरनाक बताया है।
- यह कार्रवाई क्षेत्र में तनाव को बढ़ा सकती है।
- ट्रंप ने जहाजों को ब्लॉक करने की धमकी दी है।
- चीन ने जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है।
- सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
बीजिंग, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चीन ने ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा किए गए नाकेबंदी के प्रयास को ‘खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना’ बताया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई क्षेत्र में तनाव और टकराव को बढ़ा सकती है।
उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिका ने सैन्य गतिविधियों में इजाफा कर टारगेटेड नाकेबंदी की है, जिससे पहले से ही कमजोर सीजफायर समझौते पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
चीन ने चेतावनी दी है कि इस कदम से होर्मुज के जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है।
जब उनसे ट्रंप द्वारा लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ‘सैन्य उत्पादों के निर्यात’ के बहाने चीन पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर जोर देता है, तो चीन कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है।
इस बीच, अमेरिका के दावो में एक नया मिलिट्री फ्यूल डिपो बनाने की योजनाओं से संबंधित सवाल पर जियाकुन ने कहा कि आज की दुनिया में जब सभी देश आपस में जुड़े हुए हैं, तो एकतरफा फैसले और सैन्य दादागिरी वैश्विक स्थिति को बिगाड़ सकती है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मौजूदा विकास और स्थिरता आसानी से हासिल नहीं हुई है और इसे किसी भी कीमत पर बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
अमेरिका की होर्मुज के संबंध में नाकेबंदी के बीच, पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर है। ट्रंप ने कहा है कि वे यहां से गुजरने वाले सभी जहाजों को ब्लॉक करेंगे। अमेरिका के सेंट्रल कमांड फोर्स ने बताया कि इस ऑपरेशन में अमेरिका का विशेष युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली (एलएचए-7) शामिल है। इसे कई फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों के साथ होर्मुज की ओर भेजा गया है।
बदलते हालात के बीच, मंगलवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात की और चार सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र के लिए एक साझा, व्यापक और टिकाऊ सुरक्षा ढांचा बनाने पर भी बल दिया।
वहीं, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज से मुलाकात के दौरान शी ने अमेरिका के बढ़ते दखल पर प्रहार करते हुए कहा कि दुनिया में ‘जंगल का कानून’ वापस आ रहा है और इसके खिलाफ हमें अपने सहयोग को बढ़ाना चाहिए।