रुबियो का बड़ा आरोप: क्यूबा बना चीन-रूस की जासूसी का केंद्र, अमेरिका के लिए बढ़ता खतरा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 3 जून को क्यूबा को 'विफल देश' और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता हुआ खतरा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा की धरती से चीन और रूस की खुफिया गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं, और हवाना पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिका-विरोधी आंदोलनों को समर्थन देता रहा है।
कांग्रेस की सबकमेटी में बयान
राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश विभाग और संबंधित कार्यक्रमों पर बनी हाउस एप्रोप्रियेशन्स सबकमेटी के समक्ष बोलते हुए रुबियो ने कहा कि क्यूबा की आर्थिक बदहाली और अमेरिका के विरोधी देशों के साथ उसके करीबी रिश्ते पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी हितों के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं।
उनके अनुसार, दशकों की खराब आर्थिक नीतियों और कुप्रबंधन के चलते क्यूबा का आर्थिक मॉडल लगभग ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा अब नागरिक संस्थाओं के बजाय सेना से जुड़े संगठनों के नियंत्रण में है।
ईंधन-बिजली संकट और पलायन
रुबियो ने रेखांकित किया कि सैन्य-नियंत्रित संस्थाओं के पास पर्याप्त संपत्ति होने के बावजूद क्यूबा लंबे समय से ईंधन और बिजली की भारी कमी से जूझ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दशकों में बड़ी संख्या में लोगों के देश छोड़ने से अर्थव्यवस्था और कमज़ोर हुई है तथा कुशल कार्यबल घटा है।
चीन-रूस की कथित खुफिया गतिविधियाँ
विदेश मंत्री के मुताबिक, चीन और रूस के साथ क्यूबा के रणनीतिक संबंध अमेरिका की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। उन्होंने कहा, “चीन और रूस क्यूबा से अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी हिस्से को निशाना बनाकर खुफिया जानकारी जुटाने वाली सुविधाएं चलाते हैं।”
रुबियो ने कहा कि ऐसी गतिविधियों की रिपोर्टें कई बार सामने आ चुकी हैं, और क्यूबा को उन्होंने खुफिया संग्रह तथा क्षेत्रीय राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने का केंद्र बताया। गौरतलब है कि क्यूबा में विदेशी निगरानी सुविधाओं को लेकर अमेरिकी थिंक टैंकों की रिपोर्टें वर्षों से सामने आती रही हैं, हालाँकि हवाना और बीजिंग इन दावों को खारिज करते रहे हैं।
लैटिन अमेरिका में हस्तक्षेप का आरोप
रुबियो ने आरोप लगाया कि क्यूबा का लंबे समय से ऐसे समूहों और आंदोलनों से संबंध रहा है जो लैटिन अमेरिका में अमेरिका-समर्थक सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप पश्चिमी गोलार्ध के देशों में यात्रा करेंगे, तो पाएंगे कि किसी भी ऐसे समूह या गतिविधि के पीछे, जिसका मकसद किसी अमेरिका-समर्थक सरकार पर दबाव बनाना या उसे गिराना हो, कहीं न कहीं क्यूबा का तत्व मौजूद होता है।”
उन्होंने दावा किया कि हवाना अभी भी क्षेत्र में सक्रिय कई अंतरराष्ट्रीय समूहों से जुड़ा हुआ है और ये गतिविधियाँ लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा क्षेत्रीय स्थिरता को कमज़ोर करती हैं।
मानवीय सहायता पर रुख
हालाँकि रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रशासन क्यूबा की जनता को मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है — बशर्ते यह मदद सीधे आम लोगों तक पहुँचे और सरकारी संस्थाओं के माध्यम से वितरित न की जाए। यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन और हवाना के रिश्ते एक बार फिर तनाव के दौर में हैं, और आने वाले महीनों में क्यूबा पर अमेरिकी नीति और सख्त होने के संकेत मिल रहे हैं।