क्यूबा को अलग-थलग करने के लिए अमेरिका दूसरे देशों पर दबाव बना रहा है: क्यूबाई उपविदेश मंत्री
सारांश
मुख्य बातें
क्यूबा के उपविदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी सरकार दुनिया भर की सरकारों पर दबाव डाल रही है कि वे क्यूबा के साथ अपने द्विपक्षीय स्वास्थ्य सहयोग कार्यक्रम समाप्त करें। उनके अनुसार, इन कार्यक्रमों के बंद होने से कई समुदायों की बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच खत्म हो गई है।
क्यूबाई उपविदेश मंत्री के आरोप
फर्नांडीज डी कोसियो ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा कि वाशिंगटन अन्य देशों को यह भी मनाने की कोशिश कर रहा है कि वे क्यूबा पर लगे अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों के खिलाफ अपने पारंपरिक रुख से पीछे हटें। इससे भी आगे जाकर, कथित तौर पर उन्हें संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे पर चर्चा से भी दूर रहने के लिए कहा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पहले से ही दूसरी सरकारों पर दबाव डाल रहा है कि वे क्यूबा को ईंधन निर्यात पर वाशिंगटन के प्रतिबंधों का पालन करें।
ऊर्जा संकट और क्यूबा की स्थिति
क्यूबा के अधिकारियों ने बार-बार वाशिंगटन के ऊर्जा प्रतिबंधों की निंदा करते हुए इसे नरसंहार और सामूहिक दंड का एक रूप बताया है। उनका कहना है कि इससे रोज़ाना लंबे समय तक बिजली कटौती, परिवहन की कमी और आर्थिक गतिविधियों में गंभीर रुकावटें आ रही हैं।
क्यूबा ईंधन आयात पर अत्यधिक निर्भर है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, देश को सामान्य कामकाज के लिए हर महीने लगभग आठ ईंधन टैंकर की आवश्यकता होती है। लेकिन पिछले छह महीनों में केवल एक तेल टैंकर — रूसी जहाज़ अनातोली कोलोडकिन — मिला, जिसमें लगभग 1,00,000 टन कच्चा तेल था।
ट्रंप का संकेत: 'क्यूबा हमारी तरफ आ रहा है'
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा नीति में संभावित बदलाव का संकेत दिया। बुधवार को नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, 'क्यूबा की बात करें तो, कई, कई दशकों के बाद, यह हमारी तरफ आ रहा है।'
हालाँकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बयान का कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया और न ही क्यूबा के लिए किसी नई नीति की घोषणा की। यह टिप्पणी थियोडोर रूजवेल्ट की विदेश नीति की विरासत और पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी प्रभाव पर चर्चा के दौरान आई।
ऐतिहासिक संदर्भ
ट्रंप ने स्पेनिश-अमेरिकी युद्ध के परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि युद्ध के बाद स्पेन ने क्यूबा, गुआम, फिलीपींस और प्यूर्टो रिको पर अपनी पकड़ छोड़ दी थी। इसी ऐतिहासिक संदर्भ में उन्होंने क्यूबा का उल्लेख किया। गौरतलब है कि अमेरिका और क्यूबा के बीच दशकों से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं और अमेरिकी प्रतिबंध क्यूबा की अर्थव्यवस्था को लंबे समय से प्रभावित करते आए हैं।
आगे क्या
ट्रंप के बयान और क्यूबाई उपविदेश मंत्री के आरोपों के बीच अमेरिका-क्यूबा संबंधों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। यह देखना अहम होगा कि क्या वाशिंगटन अपनी नीति में कोई ठोस बदलाव करता है, या यह महज़ एक अनौपचारिक टिप्पणी थी।