एमपीएससी पेपर लीक: ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती रद्द, विपक्ष ने मांगा अध्यक्ष का इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) पद की संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। यह निर्णय 22 मार्च को आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की प्रारंभिक जाँच के बाद लिया गया। भर्ती रद्द होते ही मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने सरकार और आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भर्ती रद्द होने की पृष्ठभूमि
आयोग ने स्वीकार किया कि 22 मार्च की स्क्रीनिंग परीक्षा में गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। प्रारंभिक जाँच में पेपर लीक के संकेत मिलने के बाद आयोग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने का फैसला किया। हालाँकि आयोग का दावा है कि पेपर केवल एक अभ्यर्थी तक पहुँचा था, किंतु विपक्षी नेताओं ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि एमपीएससी की परीक्षाओं पर पेपर लीक के आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है।
विपक्ष का हमला और इस्तीफे की माँग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने साझा मोर्चा बनाते हुए एमपीएससी अध्यक्ष के तत्काल इस्तीफे की माँग की है। दोनों दलों ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राकांपा (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि आयोग की विश्वसनीयता से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने माँग की कि एमपीएससी अध्यक्ष नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दें और सरकार उनकी जगह साफ छवि वाले व्यक्ति की नियुक्ति करे।
रोहित पवार के गंभीर आरोप
रोहित पवार ने दावा किया कि उन्होंने पेपर लीक मामले में जाँच एजेंसियों को पहले ही सबूत सौंपे थे और अब जाँच में पेपर लीक की पुष्टि हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यभर में फैले एजेंटों के नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र ₹40-40 लाख में बेचा गया — जो आयोग के 'एकल अभ्यर्थी' वाले दावे को सीधे चुनौती देता है।
उन्होंने माँग की कि आयोग जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करे, नामित एजेंटों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा दे और आयोग के अधिकारियों की भूमिका की भी स्वतंत्र जाँच कराई जाए।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही इस परीक्षा में पेपर लीक का मुद्दा उठाया था और भर्ती रद्द करने तथा दोषियों पर कार्रवाई की माँग की थी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया रद्द होने को वर्षों से परिश्रम कर रहे अभ्यर्थियों की लड़ाई की जीत बताया।
वडेट्टीवार ने चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पेपर लीक के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
आगे क्या होगा
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती के लिए नई परीक्षा कब आयोजित करेगा। विपक्ष की माँग है कि दोबारा परीक्षा से पहले आयोग में नेतृत्व परिवर्तन हो और पारदर्शी जाँच की जाए। हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका है, और यह मामला महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता की बड़ी परीक्षा बन गया है।