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एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक: मनसे नेता संदीप देशपांडे ने पूछा, 'एफआईआर क्यों नहीं, किसे बचा रही है सरकार?'

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एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक: मनसे नेता संदीप देशपांडे ने पूछा, 'एफआईआर क्यों नहीं, किसे बचा रही है सरकार?'

सारांश

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक में पुलिस जाँच ने गड़बड़ी मानी, फिर भी एफआईआर नहीं — मनसे नेता संदीप देशपांडे का सवाल: 'सरकार किसे बचा रही है?' केंद्र के नए पेपर लीक कानून के बावजूद राज्य की निष्क्रियता विरोधाभास उजागर करती है।

मुख्य बातें

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक की पुष्टि के बाद रद्द की गई।
पुलिस जाँच में सामने आया कि परीक्षा से दो दिन पहले प्रश्न-पत्र किसी के पास पहुँच गया था।
मनसे नेता संदीप देशपांडे ने एफआईआर न होने पर राज्य सरकार को घेरा, सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत की जाँच की माँग की।
देशपांडे ने मराठी भाषा प्रशिक्षण अभियान का उल्लेख किया, जिसमें 5,000 ऑटो-रिक्शा मालिक शामिल हुए।
मुंबई में ठेकेदार आत्महत्या मामले पर भी देशपांडे ने राज्य सरकार की भुगतान नीति पर सवाल उठाए।

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की पुष्टि के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता संदीप देशपांडे ने 26 अगस्त को राज्य सरकार पर तीखे सवाल दागते हुए कहा कि जब पुलिस जाँच में लीक की पुष्टि हो चुकी है, तो अब तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई।

पेपर लीक का पूरा मामला

पुलिस जाँच में यह सामने आया है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही प्रश्न-पत्र किसी के हाथ लग गया था। इसके बावजूद अब तक कोई औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। देशपांडे ने कहा, "जब शुरुआती जाँच में यह बात साबित हो गई है, तो आप एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कर रहे हैं? आप किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं? क्या इन पेपर लीक मामलों में सरकारी एजेंसियों की कोई मिलीभगत है? इसकी गहराई से जाँच होनी चाहिए।"

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने संसद में पेपर लीक के विरुद्ध कड़े प्रावधानों वाला नया कानून पारित किया है। देशपांडे ने इसी का हवाला देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले एक महीने से कह रहे हैं कि वे पेपर लीक के मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं और उन्होंने संसद में एक नया नियम भी पास किया है कि ऐसे मामलों से बहुत सख्ती से निपटा जाएगा।" ऐसे में महाराष्ट्र में एफआईआर न होना केंद्र की घोषित नीति से सीधा विरोधाभास है।

मराठी भाषा विवाद पर मनसे का रुख

देशपांडे ने मराठी भाषा के मुद्दे पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मनसे ने हाल ही में हिंदी भाषी ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी कक्षाएँ आयोजित की थीं, जिनमें लगभग 5,000 ऑटो-रिक्शा मालिक शामिल हुए और परीक्षा दी।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि उसने कुछ ऐसे तत्व खड़े किए हैं जो 'मराठी मानुष' और अन्य भाषा-भाषी लोगों के बीच जानबूझकर विभाजन पैदा करना चाहते हैं। देशपांडे ने कहा, "95 प्रतिशत ऑटो-रिक्शा चालक मराठी सीखने के लिए तैयार हैं, केवल कुछ लोग हैं जो इसे सीखना नहीं चाहते।"

ठेकेदार आत्महत्या मामले पर सवाल

मुंबई में एक ठेकेदार की आत्महत्या के मामले पर भी देशपांडे ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार विकास की बात तो करती है, लेकिन विकास कार्य करने वाले ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। उनके अनुसार, "महाराष्ट्र कभी आर्थिक रूप से मजबूत और स्वतंत्र राज्य हुआ करता था। अगर आप ठेकेदारों को भुगतान नहीं करेंगे, तो विकास के काम कैसे होंगे?"

विपक्ष की माँग और आगे की राह

मनसे नेता ने माँग की है कि पेपर लीक मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और यह जाँच की जाए कि कहीं सरकारी एजेंसियों की संलिप्तता तो नहीं है। गौरतलब है कि एमपीएससी परीक्षाओं में अनियमितता का यह पहला मामला नहीं है — राज्य में इससे पहले भी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। अब देखना यह होगा कि महाराष्ट्र सरकार इस दबाव के बाद जाँच की दिशा में क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गंभीर जवाबदेही-शून्यता का संकेत है। केंद्र सरकार ने संसद में पेपर लीक के विरुद्ध कड़ा कानून पारित किया, लेकिन महाराष्ट्र में उसी सत्ताधारी गठबंधन की सरकार प्राथमिकी दर्ज करने से कतरा रही है — यह विरोधाभास स्पष्ट है। एमपीएससी परीक्षाओं में यह पहली अनियमितता नहीं है, और बिना ठोस जाँच एवं दोषियों पर कार्रवाई के, लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों का भरोसा भर्ती प्रक्रिया पर और कमज़ोर होता जाएगा।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक क्या है?
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र परीक्षा से दो दिन पहले लीक हो गया था। पुलिस जाँच में इसकी पुष्टि के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई।
संदीप देशपांडे ने सरकार से क्या माँग की है?
मनसे नेता संदीप देशपांडे ने माँग की है कि पेपर लीक मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने यह भी जाँच की माँग की है कि कहीं इस मामले में सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत तो नहीं है।
क्या महाराष्ट्र में पहले भी एमपीएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है?
हाँ, एमपीएससी परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक इस श्रृंखला का नवीनतम मामला है, जिसने भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
मनसे का मराठी भाषा अभियान किससे जुड़ा है?
मनसे ने हाल ही में हिंदी भाषी ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी प्रशिक्षण कक्षाएँ आयोजित कीं, जिनमें लगभग 5,000 ऑटो-रिक्शा मालिकों ने भाग लिया। देशपांडे के अनुसार, 95 प्रतिशत चालक मराठी सीखने को तैयार हैं।
मुंबई में ठेकेदार आत्महत्या मामले पर देशपांडे ने क्या कहा?
देशपांडे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार विकास कार्य करने वाले ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं कर रही, जो राज्य की आर्थिक साख के लिए चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि भुगतान न होने से विकास कार्य ठप हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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