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एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक: दावेदार ऋषिकेश गांगर्डे से मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ शुरू

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एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक: दावेदार ऋषिकेश गांगर्डे से मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ शुरू

सारांश

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में 100 में से 90 सवाल व्हाट्सऐप पर लीक होने का दावा करने वाले ऋषिकेश गांगर्डे को मुंबई क्राइम ब्रांच ने तलब किया। आयोग ने दावों को अफवाह बताया, लेकिन जाँच जारी है — और महाराष्ट्र में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता एक बार फिर कठघरे में है।

मुख्य बातें

ऋषिकेश गांगर्डे (पाटील) को मुंबई क्राइम ब्रांच ने 28 जुलाई को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया।
दावा: 22 मार्च की एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा से दो दिन पहले (20 मार्च) व्हाट्सऐप ग्रुपों पर 100 में से 90 सवाल कथित तौर पर साझा किए गए।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने पेपर लीक के सभी दावों को अफवाह बताते हुए खारिज किया।
क्राइम ब्रांच ऋषिकेश से दावों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कह रही है।
इस विवाद ने महाराष्ट्र में राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के बीच बड़ी बहस छेड़ दी है।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का दावा करने वाले ऋषिकेश गांगर्डे (पाटील) को समन जारी कर 28 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया। ऋषिकेश अपने वकील के साथ क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुँचे, जहाँ अधिकारी उनके दावों की पड़ताल में जुटे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मुंबई पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने ऋषिकेश गांगर्डे से पेपर लीक के दावों के समर्थन में सभी उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने किन आधारों पर यह दावा किया और उनके पास कौन-से प्रमाण हैं। पूछताछ मंगलवार को जारी रही।

लीक का दावा क्या था

बताया जा रहा है कि 22 मार्च को आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से दो दिन पहले, यानी 20 मार्च को, कुछ अभ्यर्थियों के व्हाट्सऐप ग्रुप पर परीक्षा से जुड़े प्रश्न पहुँच गए थे। दावा किया गया कि पेपर लीक करने वाले कथित गिरोह ने परीक्षा के 100 में से 90 सवाल पहले ही व्हाट्सऐप ग्रुपों में साझा कर दिए थे। इसी दावे के बाद ऋषिकेश गांगर्डे ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग को ई-मेल के ज़रिये औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।

आयोग की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज किया है। आयोग का स्पष्ट कहना है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ और इस संबंध में फैलाई जा रही खबरें महज अफवाह हैं।

आम जनता और छात्रों पर असर

इस विवाद ने महाराष्ट्र में राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के बीच व्यापक बहस छेड़ दी। प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर पहले से चिंतित छात्र समुदाय में इस मामले ने नाराजगी और अविश्वास की लहर पैदा की। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

क्या होगा आगे

फिलहाल ऋषिकेश गांगर्डे से पूछताछ जारी है। मुंबई पुलिस के अनुसार, जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। क्राइम ब्रांच यह भी जाँच रही है कि व्हाट्सऐप ग्रुपों पर कथित तौर पर साझा किए गए प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या फिर निराधार दावों से लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर सवालिया निशान लगाया गया। आयोग का सपाट खंडन पर्याप्त नहीं है; जब तक क्राइम ब्रांच व्हाट्सऐप पर प्रसारित कथित प्रश्नों का असली प्रश्नपत्र से मिलान सार्वजनिक नहीं करती, संदेह बना रहेगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में यह पहला मामला नहीं है जहाँ भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर उँगली उठी हो। छात्रों की नाराजगी इस बात का संकेत है कि संस्थागत विश्वास पहले से कमज़ोर है — और जाँच का नतीजा चाहे जो हो, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी जवाबदेही तंत्र की ज़रूरत अब और टाली नहीं जा सकती।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामला क्या है?
यह मामला 22 मार्च को आयोजित महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया कि परीक्षा से दो दिन पहले 100 में से 90 प्रश्न व्हाट्सऐप ग्रुपों पर साझा कर दिए गए थे। आयोग ने इन दावों को अफवाह बताया है और जाँच जारी है।
ऋषिकेश गांगर्डे कौन हैं और उन्हें क्यों बुलाया गया?
ऋषिकेश गांगर्डे (पाटील) वह व्यक्ति हैं जिन्होंने एमपीएससी को ई-मेल भेजकर ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में पेपर लीक की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने उन्हें 28 जुलाई को समन जारी कर उनके दावों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग का इस पर क्या कहना है?
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने पेपर लीक के सभी दावों को पूरी तरह खारिज किया है। आयोग का कहना है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ और इस संबंध में फैलाई जा रही खबरें केवल अफवाह हैं।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
मुंबई पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश गांगर्डे से पूछताछ के बाद जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। क्राइम ब्रांच व्हाट्सऐप पर कथित रूप से साझा किए गए प्रश्नों की भी जाँच कर रही है।
इस विवाद का छात्रों पर क्या असर पड़ा?
पेपर लीक के दावों के बाद महाराष्ट्र में छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई। प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थियों में इस मामले को लेकर गहरी नाराजगी देखी गई।
राष्ट्र प्रेस
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