एमपीएससी पेपर लीक: मुंबई क्राइम ब्रांच ने 3 अधिकारियों समेत 6 को गिरफ्तार, 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 26 अगस्त को महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 3 एमपीएससी अधिकारी भी कथित तौर पर शामिल हैं। अदालत ने सभी आरोपियों को 2 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यह गिरफ्तारी उस परीक्षा से जुड़ी है जो खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) पद की भर्ती के लिए 22 मार्च को आयोजित की गई थी।
मामले की पृष्ठभूमि
क्राइम ब्रांच के अनुसार, 22 मार्च को आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतें मिलने के बाद जाँच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जाँच में गड़बड़ियों के पुख्ता संकेत मिलने पर कार्रवाई तेज़ की गई। गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार देर रात एमपीएससी ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने का फैसला किया था।
भर्ती प्रक्रिया रद्द
आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रारंभिक जाँच में परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया निरस्त की जा रही है। यह निर्णय उन हज़ारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ा झटका है जिन्होंने इस परीक्षा की तैयारी में वर्षों की मेहनत लगाई थी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने इसे आयोग की साख से जुड़ा बेहद गंभीर मामला बताते हुए एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की माँग की। उनका आरोप है कि पेपर राज्यभर में एजेंटों के ज़रिए लाखों रुपये में बेचा गया और पूरे मामले की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने भर्ती प्रक्रिया रद्द किए जाने को छात्रों के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जाँच की स्थिति
फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जाँचकर्ता पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाल रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सरकारी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
आरोपी 2 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में रहेंगे, जिस दौरान क्राइम ब्रांच लीक के स्रोत और वितरण नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने की कोशिश करेगी। इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।