26 अगस्त 2026
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MPSC पेपर लीक: प्रेमिका को पास कराया, ब्रेकअप के बाद प्रेमी ने खुद खोला राज़; 6 गिरफ्तार

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MPSC पेपर लीक: प्रेमिका को पास कराया, ब्रेकअप के बाद प्रेमी ने खुद खोला राज़; 6 गिरफ्तार

सारांश

प्रेमिका को सरकारी परीक्षा पास कराने के लिए पेपर लीक किया, और जब रिश्ता टूटा तो खुद ही आयोग को सूचित कर दिया — मुंबई का यह MPSC घोटाला प्रेम, धोखे और भर्ती भ्रष्टाचार के खतरनाक गठजोड़ की कहानी है। अब तक 6 गिरफ्तार, जिनमें 3 सरकारी अधिकारी शामिल।

मुख्य बातें

मुंबई क्राइम ब्रांच ने MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 3 सरकारी अधिकारी शामिल हैं।
आरोपी गौरव राजेंद्र पाटील ने कथित तौर पर प्रेमिका रितुजा पाटील को परीक्षा पास कराने के लिए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया।
रितुजा परीक्षा में उत्तीर्ण हो गई; बाद में दोनों का ब्रेकअप होने पर गौरव ने स्वयं महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को जानकारी दी।
सभी आरोपियों को अदालत ने 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा।
मामले की जाँच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है; अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में 26 अगस्त 2026 तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

जाँच के दौरान क्राइम ब्रांच को कथित तौर पर इस मामले में एक असामान्य प्रेम-प्रसंग का कोण मिला है। आरोप है कि गिरफ्तार आरोपी गौरव राजेंद्र पाटील उर्फ लोकेश का रितुजा पाटील नाम की युवती से प्रेम संबंध था। क्राइम ब्रांच के अनुसार, गौरव ने रितुजा को ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के लिए कथित तौर पर प्रश्न पत्र की व्यवस्था की और उसे रितुजा सहित कुछ अन्य लोगों को उपलब्ध कराया। रितुजा परीक्षा में उत्तीर्ण भी हो गई।

ब्रेकअप बना मामले का टर्निंग पॉइंट

परीक्षा के कुछ समय बाद गौरव और रितुजा का संबंध-विच्छेद हो गया। इसके बाद गौरव ने कथित तौर पर गुस्से में आकर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को पेपर लीक की पूरी जानकारी दे दी। आयोग ने इस सूचना पर तत्काल मुंबई पुलिस से संपर्क किया और मामले की जाँच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।

आयोग और पुलिस की कार्रवाई

ड्रग इंस्पेक्टर पद की भर्ती परीक्षा महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है। पेपर लीक की शिकायत मिलते ही आयोग ने पुलिस को सतर्क किया। जाँच में सामने आए तथ्यों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें तीन सरकारी अधिकारी भी हैं — जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है।

आम जनता और परीक्षार्थियों पर असर

यह मामला उन हज़ारों ईमानदार अभ्यर्थियों के लिए गहरी चिंता का विषय है जो सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगाते हैं। MPSC जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर उठे सवाल महाराष्ट्र में सार्वजनिक भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ सकते हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धाँधली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

क्या होगा आगे

सभी छह आरोपी 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में हैं और क्राइम ब्रांच आगे की जाँच जारी रखे हुए है। जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि पेपर लीक की इस कड़ी में और कितने लोग शामिल थे और किन-किन अभ्यर्थियों तक प्रश्न पत्र पहुँचाया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। विडंबना यह है कि यह मामला तब उजागर हुआ जब एक आरोपी ने व्यक्तिगत कड़वाहट में आकर शिकायत की — न कि किसी संस्थागत निगरानी तंत्र की वजह से। यह सवाल उठाता है कि MPSC जैसी संस्थाओं के भीतर आंतरिक सतर्कता के क्या इंतज़ाम हैं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामला क्या है?
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र कथित तौर पर लीक किया गया था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 3 सरकारी अधिकारी शामिल हैं।
गौरव पाटील ने खुद शिकायत क्यों की?
आरोप है कि गौरव ने अपनी प्रेमिका रितुजा पाटील को परीक्षा पास कराने के लिए पेपर की व्यवस्था की थी। दोनों का ब्रेकअप होने के बाद गौरव ने कथित तौर पर गुस्से में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को पेपर लीक की जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों को कब तक हिरासत में रखा जाएगा?
अदालत ने सभी छह गिरफ्तार आरोपियों को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। इस दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच आगे की जाँच जारी रखेगी।
क्या रितुजा पाटील को भी गिरफ्तार किया गया है?
स्रोत के अनुसार अब तक गिरफ्तार छह आरोपियों में गौरव राजेंद्र पाटील का नाम स्पष्ट रूप से सामने आया है। रितुजा पाटील की गिरफ्तारी के बारे में जाँच एजेंसी ने अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
MPSC पेपर लीक मामले की जाँच कौन कर रहा है?
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को शिकायत मिलने के बाद मामले की जाँच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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