एआई सुरक्षा बाज़ार 2027 तक $4.8 अरब और 2028 तक $7.7 अरब तक पहुँचेगा: गार्टनर रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
वैश्विक एआई सुरक्षा बाज़ार तेज़ी से विस्तार की राह पर है। गार्टनर की 26 अगस्त 2026 को जारी नई रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रणालियों की सुरक्षा पर वैश्विक खर्च 2027 में $4.8 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है — जो 2026 की तुलना में 68.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इससे आगे, 2028 तक यह बाज़ार $7.7 अरब डॉलर तक विस्तृत हो सकता है।
वृद्धि के पीछे क्या है
गार्टनर के वरिष्ठ प्रधान विश्लेषक शैलेन्द्र उपाध्याय के अनुसार, इस तीव्र उछाल की जड़ में संगठनों की एआई प्रणालियों को सुरक्षित बनाने की बढ़ती अनिवार्यता है। उन्होंने कहा कि कंपनियाँ अब केवल एआई को अपनाने पर ध्यान नहीं दे रहीं, बल्कि उससे उत्पन्न नए सुरक्षा जोखिमों, कमज़ोरियों और उन्नत साइबर खतरों से बचाव को भी प्राथमिकता दे रही हैं।
रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि एआई परियोजनाओं में तृतीय पक्ष और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के बढ़ते उपयोग ने नई किस्म की सुरक्षा चुनौतियाँ खड़ी की हैं। आपूर्ति शृंखला पर होने वाले साइबर हमले और एआई प्रणालियों में अंतर्निहित कमज़ोरियाँ संस्थानों के लिए गंभीर ख़तरा बनती जा रही हैं।
2029 तक साइबर हमलों का स्वरूप
गार्टनर का अनुमान है कि 2029 तक एआई एजेंट्स पर होने वाले आधे से अधिक सफल साइबर हमले पहुँच नियंत्रण (access control) की कमज़ोरियों और प्रॉम्प्ट इंजेक्शन जैसी तकनीकों का फ़ायदा उठाकर अंजाम दिए जाएँगे। यह चेतावनी एआई सुरक्षा समाधानों की माँग को और तीव्र करने वाली है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्वायत्त एआई प्रणालियाँ ऐसी नई कमज़ोरियाँ लेकर आती हैं, जिन्हें पारंपरिक निगरानी और सुरक्षा उपकरण पूरी तरह पहचान नहीं पाते। इसलिए संगठनों को एआई मॉडल की पहचान, निगरानी और सुरक्षा के लिए विशेष समाधान अपनाने होंगे।
खर्च की प्रमुख श्रेणियाँ
रिपोर्ट के अनुसार, एआई एप्लिकेशन सुरक्षा 2027 में भी सबसे बड़ी व्यय श्रेणी बनी रहेगी, जिस पर लगभग $851 मिलियन खर्च होने का अनुमान है। इसके बाद एआई उपयोग नियंत्रण श्रेणी का स्थान रहेगा, जिस पर लगभग $749 मिलियन खर्च होने की संभावना है।
वृद्धि दर के लिहाज़ से एआई उपयोग नियंत्रण सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला क्षेत्र होगा, जिसमें लगभग 73 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। इसके बाद एआई गेटवे श्रेणी में लगभग 70.9 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा सकती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
उपाध्याय ने कहा कि जैसे-जैसे एआई रनटाइम सुरक्षा और समर्पित एआई गेटवे जैसी तकनीकें अधिक विश्वसनीय बनेंगी, संगठनों का इन समाधानों पर भरोसा और उनका उपयोग दोनों तेज़ी से बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पारंपरिक साइबर सुरक्षा उपकरण प्रायः एआई अनुप्रयोगों को सामान्य सॉफ्टवेयर की तरह देखते हैं — यही कारण है कि एआई-विशिष्ट खतरों से निपटने के लिए इन प्रणालियों में बड़े पैमाने पर बदलाव और उन्नयन अनिवार्य होगा।
आगे की राह
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि एआई-आधारित सुरक्षा रणनीति केवल नए उपकरण खरीदने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। कंपनियों को अपनी मौजूदा साइबर सुरक्षा व्यवस्था को एआई सुरक्षा समाधानों के साथ एकीकृत करना होगा, ताकि उभरते खतरों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर एआई का विस्तार अभूतपूर्व गति से हो रहा है और उससे जुड़े साइबर जोखिम उतनी ही तेज़ी से जटिल होते जा रहे हैं।