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क्या 2030 तक एआई की मांग को पूरा करने के लिए 2 ट्रिलियन डॉलर राजस्व की आवश्यकता होगी?

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क्या 2030 तक एआई की मांग को पूरा करने के लिए 2 ट्रिलियन डॉलर राजस्व की आवश्यकता होगी?

सारांश

एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि 2030 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 2 ट्रिलियन डॉलर का वार्षिक राजस्व जुटाना होगा। क्या यह संभव है?

मुख्य बातें

2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर का राजस्व आवश्यक होगा।
एआई से जुड़ी सेवाओं में 800 बिलियन डॉलर की कमी है।
अमेरिका की हिस्सेदारी आधा है।
कंपनियाँ एआई को अपने कोर वर्कफ्लो में लागू कर रही हैं।
एआई अब राजनीतिक शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 23 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, 2030 तक आवश्यक कंप्यूटिंग पावर को फंड करने हेतु हर वर्ष कम से कम 2 ट्रिलियन डॉलर का राजस्व जुटाना होगा। यह खुलासा मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में हुआ।

बेन एंड कंपनी के नवीनतम शोध के अनुसार, एआई से संबंधित सेवाओं के लिए 800 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त आवश्यकता है ताकि वैश्विक मांग को पूरा किया जा सके।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2030 तक वैश्विक एआई कंप्यूटिंग की मांग 200 गीगावॉट तक पहुँच सकती है, जिसमें अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग आधी होगी।

यदि अमेरिका में कंपनियां अपने ऑन-प्रिमाइस आईटी बजट को क्लाउड में स्थानांतरित करती हैं और सेल्स, मार्केटिंग, कस्टमर सपोर्ट और आरएंडडी में एआई का उपयोग करती हैं, तो भी निवेश को पूरा करने के लिए आवश्यक राजस्व की कमी महसूस होगी। क्योंकि एआई की कंप्यूटिंग मांग तेजी से बढ़ रही है।

बेन के ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्रैक्टिस के चेयरमैन डेविड क्राफोर्ड ने कहा, "2030 तक टेक्नोलॉजी के अधिकारी 500 बिलियन डॉलर के पूंजीगत व्यय को लागू करने और मांग को लाभ के साथ पूरा करने के लिए 2 ट्रिलियन डॉलर का नया राजस्व जुटाने की चुनौती का सामना करेंगे। एआई कंप्यूटिंग की मांग सेमीकंडक्टर की क्षमता से भी तेज गति से बढ़ रही है, इसलिए ऐसे ट्रेंड सामने आ रहे हैं कि दशकों से क्षमता न जोड़ने वाले ग्रिड में भी पावर सप्लाई में भारी वृद्धि की आवश्यकता होगी।"

बेन की एक स्टडी में पाया गया है कि टैरिफ, एक्सपोर्ट कंट्रोल और विभिन्न देशों द्वारा स्वदेशी एआई को बढ़ावा देने की कोशिशों के कारण ग्लोबल टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन का विघटन तेजी से बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे कम्प्यूटेशनल मांग बढ़ रही है, प्रमुख कंपनियां एआई क्षमताओं के परीक्षण से आगे बढ़कर अब एआई से लाभ कमाने की दिशा में बढ़ रही हैं। संगठन स्तर पर इस टेक्नोलॉजी को कोर वर्कफ्लो में लागू किया जा रहा है, जिससे पिछले दो वर्षों में 10 से 25 प्रतिशत तक ईबीआईटीडीए कमाई हुई है।

कटिंग एज डोमेज जैसे एआई अब सिर्फ आर्थिक वृद्धि के प्रेरक नहीं रहे, बल्कि वे देशों की राजनीतिक शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण बन गए हैं।

बेन की ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्रैक्टिस की प्रमुख, एने होकर ने कहा, "स्वतंत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताएं अब आर्थिक और सैन्य शक्ति के समान ही एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त के रूप में देखी जा रही हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग और कंप्यूटिंग पावर की आवश्यकता को दर्शाते हैं। 2030 के दृष्टिगत, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कैसे राजस्व के नए स्रोतों की खोज की जा सकती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2030 तक एआई की मांग को पूरा करने के लिए कितने धन की आवश्यकता होगी?
2030 तक एआई की मांग को पूरा करने के लिए कम से कम 2 ट्रिलियन डॉलर राजस्व की आवश्यकता होगी।
इस रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष क्या है?
रिपोर्ट में बताया गया है कि एआई कंप्यूटिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसे पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता है।
क्या अमेरिका की कंपनियां एआई को अपनाने में पीछे हैं?
नहीं, रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की कंपनियां एआई को अपनाने में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें अपने बजट को शिफ्ट करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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