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एमपीएससी पेपर लीक विवाद: हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ केस, अभिमन्यु पवार की शिकायत पर औसा पुलिस का एक्शन

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एमपीएससी पेपर लीक विवाद: हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ केस, अभिमन्यु पवार की शिकायत पर औसा पुलिस का एक्शन

सारांश

एमपीएससी पेपर लीक मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की एक्स पोस्ट ने सियासी आग लगा दी — BJP विधायक अभिमन्यु पवार की शिकायत पर औसा पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला अब कोर्ट और सड़क दोनों पर लड़ा जाएगा।

मुख्य बातें

औसा पुलिस ने 29 जुलाई को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज किया।
BJP विधायक अभिमन्यु पवार की शिकायत पर कार्रवाई — आरोप है कि एक्स पोस्ट से उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई।
सपकाल ने एक्स पर पोस्ट कर एमपीएससी फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती पेपर लीक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
सपकाल ने NEET, TET और एमपीएससी समेत कई भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जाँच की माँग की।
कांग्रेस ने केस को राजनीति से प्रेरित बताया; मुख्य पेपर लीक जाँच अभी जारी है।

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के कथित फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती पेपर लीक मामले ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ औसा पुलिस ने 29 जुलाई को मामला दर्ज किया, जो औसा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक अभिमन्यु पवार की शिकायत पर आधारित है। विधायक का आरोप है कि सपकाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए पोस्ट के ज़रिए उन पर निराधार संदेह डालकर उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।

विवाद की जड़: सपकाल की एक्स पोस्ट

मंगलवार को सपकाल ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'क्या एमपीएससी पेपर लीक केस के मास्टरमाइंड देवेंद्र फडणवीस हैं?' उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक के तार पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कार्यालय तक पहुँच गए हैं और इस मामले में संदेह मुख्यमंत्री के पूर्व पीए तथा अब BJP विधायक अभिमन्यु पवार की ओर जा रहा है। पोस्ट में यह भी जोड़ा गया कि 'सूत्रों का कहना है' — जो इन दावों को अपुष्ट बनाता है।

सपकाल ने एक अन्य पोस्ट में कई भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जाँच की माँग की — जिनमें 2017-18 का मेगा रिक्रूटमेंट पोर्टल स्कैम, तलाठी भर्ती 2023, महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA), पुलिस भर्ती, वन विभाग भर्ती और मृदा एवं जल संरक्षण विभाग भर्ती शामिल हैं। उन्होंने लिखा, 'कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को राख में मिलाने वालों का पर्दाफाश नहीं हो जाता।'

विधायक पवार का पलटवार और पुलिस कार्रवाई

विधायक अभिमन्यु पवार ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि पेपर लीक मामले से उनका कोई संबंध नहीं है और सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए जानबूझकर उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल किया जा रहा है। उनकी शिकायत के आधार पर औसा पुलिस ने हर्षवर्धन सपकाल के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया। यह ऐसे समय में आया है जब एमपीएससी पेपर लीक की जाँच पहले से ही चल रही है और राज्य में छात्र संगठन सड़कों पर उतर चुके हैं।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

सपकाल ने अपनी एक अन्य पोस्ट में NEET, TET और अब एमपीएससी पेपर लीक को एक ही कड़ी में रखते हुए कहा, 'जो सरकार बार-बार छात्रों की मेहनत पर पानी फेरती है, उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP सरकार ने शिक्षा क्षेत्र का व्यवसायीकरण किया और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का यह कोई पहला मामला नहीं है — पिछले कुछ वर्षों में कई परीक्षाएँ विवादों में घिरी हैं।

आगे क्या होगा

फिलहाल औसा पुलिस द्वारा दर्ज मामले की जाँच जारी है। कांग्रेस ने इस केस को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। दूसरी ओर, एमपीएससी पेपर लीक की मुख्य जाँच के नतीजे अभी सामने आने बाकी हैं, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगे। लाखों परीक्षार्थियों की नज़रें अब जाँच एजेंसियों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एमपीएससी पेपर लीक की असली जवाबदेही तय करने की लड़ाई; और दूसरी, विपक्ष को उसी हथियार से चुप कराने की कोशिश जिससे वह सत्ता पर हमला करता है। सपकाल की पोस्ट में 'सूत्रों का कहना है' जैसे अपुष्ट दावे ज़रूर थे, लेकिन उन पर केस दर्ज होना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या राजनीतिक आरोपों को आपराधिक शिकायत में बदलना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश है। मूल सवाल — पेपर लीक हुआ कैसे और ज़िम्मेदार कौन है — इस सियासी शोर में दब जाने का खतरा है, जबकि लाखों परीक्षार्थियों को जवाब चाहिए।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीएससी पेपर लीक मामले में हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ केस क्यों दर्ज हुआ?
BJP विधायक अभिमन्यु पवार की शिकायत पर औसा पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ 29 जुलाई को केस दर्ज किया। पवार का आरोप है कि सपकाल ने एक्स पर पोस्ट कर उन पर निराधार संदेह डाला और उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की।
हर्षवर्धन सपकाल ने एक्स पर क्या पोस्ट किया था?
सपकाल ने एक्स पर पोस्ट कर सवाल उठाया था कि क्या एमपीएससी फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती पेपर लीक के मास्टरमाइंड मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं और संदेह पूर्व पीए व अब BJP विधायक अभिमन्यु पवार की ओर जाता है। उन्होंने कई अन्य भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जाँच की भी माँग की।
एमपीएससी पेपर लीक मामला क्या है?
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक हुआ, जिससे लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। इस मामले की जाँच अभी जारी है और राज्य में छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या कांग्रेस ने सपकाल पर दर्ज केस को स्वीकार किया है?
कांग्रेस ने इस केस को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि सत्ताधारी दल विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रहा है।
इस विवाद का महाराष्ट्र के छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
एमपीएससी पेपर लीक की मुख्य जाँच के नतीजे अभी आने बाकी हैं, जिस पर लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य निर्भर है। राजनीतिक विवाद के गहराने से जाँच की गति और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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