पुणे में महिलाओं के खिलाफ अपराध: कांग्रेस का फडणवीस पर निशाना, 3 महीनों में 700 यौन शोषण मामले

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पुणे में महिलाओं के खिलाफ अपराध: कांग्रेस का फडणवीस पर निशाना, 3 महीनों में 700 यौन शोषण मामले

सारांश

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पुणे में तीन महीनों में 700 यौन शोषण मामलों का हवाला देते हुए CM फडणवीस पर सीधा हमला बोला। साथ ही ₹34,000 करोड़ की भूमिगत सड़क परियोजना में भ्रष्टाचार और RSS पर तिरंगे को लेकर विवादित दावे किए।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 7 मई को पुणे में CM देवेंद्र फडणवीस पर महिला सुरक्षा में विफलता का आरोप लगाया।
जनवरी से मार्च 2025 के बीच पुणे में यौन शोषण के 700 मामले दर्ज हुए — प्रतिदिन एक दुष्कर्म की घटना।
कार्यक्रम में नासरापुर की 4 वर्षीय पीड़िता समेत महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई।
सपकाल ने ₹34,000 करोड़ की 54 किलोमीटर भूमिगत सड़क परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया; जन सुनवाई न होने की बात कही।
ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में अमेरिकी दबाव और मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।
RSS पर दावा किया कि उसने स्वतंत्रता के बाद 50-55 वर्षों तक कार्यालयों में तिरंगा नहीं फहराया।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार, 7 मई को पुणे में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को 'नए पुणे का निर्माता' घोषित किए जाने के बाद से शहर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। उन्होंने सवाल किया कि जनवरी से मार्च के बीच केवल तीन महीनों में यौन शोषण के 700 मामले दर्ज हुए — यानी प्रतिदिन एक दुष्कर्म की घटना।

मुख्य आरोप और आँकड़े

सपकाल ने 45 मीटर ऊंचे ध्वज स्तंभ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए कहा कि पुणे में ड्रग्स खुलेआम बेचे जा रहे हैं, गुंडों का आतंक फैला हुआ है और गुलटेकड़ी मार्केट यार्ड में आपराधिक हस्तक्षेप बढ़ गया है। उन्होंने सीधे सवाल किया — "क्या ये घटनाएँ भी देवेंद्र फडणवीस की 'योजना' का हिस्सा हैं?"

कार्यक्रम की शुरुआत पुणे के नासरापुर की चार वर्षीय पीड़िता और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों के अन्य पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। सपकाल ने इसे "घोर घृणित और भयावह विकृति" बताया जिसने, उनके अनुसार, पूरी दुनिया को झकझोर दिया है।

भूमिगत सड़क परियोजना पर भ्रष्टाचार के आरोप

सपकाल ने पुणे में प्रस्तावित ₹34,000 करोड़ की 54 किलोमीटर लंबी भूमिगत सड़क परियोजना की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना की घोषणा से पहले कोई जन सुनवाई नहीं हुई और निर्वाचित पार्षदों से परामर्श नहीं लिया गया। उनके अनुसार, यह परियोजना पुणे में भ्रष्टाचार को और बढ़ाएगी।

ऑपरेशन सिंदूर और विदेश नीति पर निशाना

सपकाल ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका ने अचानक युद्धविराम की घोषणा कर दी और कथित तौर पर भारत को अमेरिकी दबाव में व्यापार समझौते के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका भारत को रूस से कच्चा तेल न खरीदने का निर्देश दे रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर मौन हैं।

RSS और तिरंगे पर विवादित दावे

सपकाल ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारतीय ध्वज के तीन रंगों के अर्थ और भावना को विकृत करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि RSS ने स्वतंत्रता के बाद लगभग 50-55 वर्षों तक अपने कार्यालयों में तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने लोगों से ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। सपकाल के आरोपों पर भाजपा या फडणवीस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुणे में महिला सुरक्षा और बड़े बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं पर यह बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें स्वतंत्र सत्यापन की ज़रूरत है; पुलिस रिकॉर्ड से मिलान किए बिना ये राजनीतिक बयानबाज़ी और तथ्य के बीच की रेखा धुंधली करते हैं। गौरतलब है कि फडणवीस के पास गृह मंत्रालय भी है, जिससे कानून-व्यवस्था की जवाबदेही सीधे उन पर आती है — यह विपक्ष के लिए स्वाभाविक राजनीतिक लक्ष्य है। ₹34,000 करोड़ की भूमिगत परियोजना पर जन सुनवाई न होने का आरोप अधिक ठोस है और इसे मुख्यधारा की कवरेज में उतना स्थान नहीं मिला जितना मिलना चाहिए। RSS-तिरंगा विवाद पुराना है, लेकिन इसे मौजूदा राष्ट्रवादी माहौल में उठाना कांग्रेस की रणनीतिक चाल को दर्शाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए हैं?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि जनवरी से मार्च 2025 के बीच पुणे में यौन शोषण के 700 मामले दर्ज हुए — यानी प्रतिदिन एक दुष्कर्म। उन्होंने इसके लिए CM एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराया।
हर्षवर्धन सपकाल ने पुणे की भूमिगत सड़क परियोजना पर क्या कहा?
सपकाल ने ₹34,000 करोड़ की 54 किलोमीटर लंबी भूमिगत सड़क परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परियोजना की घोषणा से पहले न कोई जन सुनवाई हुई और न ही निर्वाचित पार्षदों से परामर्श लिया गया।
नासरापुर पीड़िता का मामला क्या है?
पुणे के नासरापुर की एक चार वर्षीय बच्ची के खिलाफ अपराध के मामले का सपकाल के कार्यक्रम में उल्लेख किया गया और पीड़िता को श्रद्धांजलि दी गई। सपकाल ने इसे 'घोर घृणित और भयावह विकृति' बताया।
ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस के क्या आरोप हैं?
सपकाल ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका ने अचानक युद्धविराम की घोषणा की और कथित तौर पर भारत को व्यापार समझौते के लिए दबाव में लाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका रूस से कच्चा तेल न खरीदने का निर्देश दे रहा है जबकि PM मोदी मौन हैं।
RSS और तिरंगे पर सपकाल ने क्या दावा किया?
सपकाल ने दावा किया कि RSS ने स्वतंत्रता के बाद लगभग 50-55 वर्षों तक अपने कार्यालयों में तिरंगा नहीं फहराया और BJP-RSS भारतीय ध्वज के रंगों के अर्थ को विकृत करने का प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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