पुणे नसरापुर रेप-हत्या केस: विपक्ष ने फडणवीस पर बोला हमला, महिला IPS की अगुवाई में SIT जांच की मांग
सारांश
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इस घटना को मानवता पर कलंक बताया और कहा कि राज्य में अब कानून का डर खत्म हो गया है तथा पुलिस की जवाबदेही भी कमज़ोर पड़ चुकी है।
शिवसेना (UBT) और MNS का रुख
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री फडणवीस को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि फडणवीस चौबीसों घंटे राजनीति में डूबे रहते हैं, जिसके चलते गृह विभाग नियंत्रण से बाहर हो गया है। राउत ने तंज कसते हुए कहा,
मुख्य बातें
पुणे जिले की भोर तहसील के नसरापुर में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसके बाद हत्या का मामला अब केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं रहा — यह महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में आ गया है। विपक्षी दलों ने गृह विभाग की बागडोर संभाल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखे आरोप लगाए हैं और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की माँग की है, जिसकी अगुवाई एक महिला IPS अधिकारी करे।
मुख्य घटनाक्रम
घटना के अनुसार, पीड़िता अपनी नानी के घर छुट्टियाँ मनाने आई थी, जहाँ एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिवार पर लाठीचार्ज कर दिया, जो तत्काल न्याय की माँग कर रहे थे। इस लाठीचार्ज ने विपक्ष के उन आरोपों को और बल दे दिया जिनमें सरकार को असंवेदनशील बताया जा रहा था।
विपक्ष के गंभीर आरोप
महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पुलिस को आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी थी, लेकिन यह जानकारी अदालत के सामने नहीं रखी गई। वडेट्टीवार के अनुसार, कोर्ट की फटकार के बाद ही पुलिस ने रिमांड आवेदन में बदलाव किया।
उन्होंने सवाल किया,