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मिसिंग लिंक भूस्खलन और मुंबई बारिश में 12 मौतें: सपकाल का फडणवीस सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप

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मिसिंग लिंक भूस्खलन और मुंबई बारिश में 12 मौतें: सपकाल का फडणवीस सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप

सारांश

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक भूस्खलन और बारिश में 12 से अधिक मौतों के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष सपकाल ने फडणवीस सरकार पर भ्रष्टाचार और तकनीकी लापरवाही का आरोप लगाया। बीएमसी की विफलता, पीएम के विदेश दौरे और वक्फ संशोधन — सब एक साथ निशाने पर।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 6 जुलाई को मुंबई में प्रेस वार्ता की।
मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक भूस्खलन और भारी बारिश से 12 से अधिक मौतों के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराया।
पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में दिए गए तकनीकी सुझावों को नजरअंदाज करने का आरोप।
बीएमसी पर मानखुर्द में मकान गिरने, पेड़ गिरने और जलभराव में लापरवाही का आरोप।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य की नियुक्ति पर वक्फ संशोधन कानून की आलोचना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे के दौरान देश की आंतरिक समस्याओं पर चुप्पी पर सवाल।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 6 जुलाई को मुंबई में मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' परियोजना में हुए भूस्खलन और मुंबई में जारी भारी बारिश से हुई 12 से अधिक मौतों की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर डाली। उन्होंने राज्य सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर भ्रष्टाचार और आपदा प्रबंधन में घोर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।

मिसिंग लिंक परियोजना और भूस्खलन

सपकाल ने कहा कि मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना में भूस्खलन कोई अचानक हुई दुर्घटना नहीं, बल्कि कथित भ्रष्टाचार और तकनीकी सुझावों की अनदेखी का परिणाम है। उनके अनुसार, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में इस परियोजना को तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए थे, किंतु बाद की सरकारों ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।

सपकाल ने आरोप लगाया कि जिस प्रकार राम मंदिर निर्माण में लीकेज और चंदे में कथित अनियमितताओं के मामले सामने आए, उसी प्रकार महाराष्ट्र में भी भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। उन्होंने कहा, 'भाजपा का भ्रष्ट चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है।'

मुंबई बारिश और बीएमसी की विफलता

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पेड़ गिरने, मकान ढहने और जलभराव की घटनाओं पर सपकाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने मुंबई को 'तुंबई' बना दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य में कई वर्षों से भाजपा सत्ता में है और मुंबई में भी 'ट्रिपल इंजन सरकार' होने के बावजूद नागरिक बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

मानखुर्द में मकान गिरने, पेड़ गिरने और मैनहोल में गिरने जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार टिकाऊ विकास की जगह ठेकेदारी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। उनके अनुसार, बीएमसी की कार्यप्रणाली पर पर्याप्त निगरानी नहीं है और नागरिक सुरक्षा को दरकिनार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर टिप्पणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को विदेश यात्राओं के साथ-साथ देश की आंतरिक समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी को अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में पेपर लीक और राम मंदिर के चंदे से जुड़े विवादों पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। सपकाल के अनुसार, प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चुप्पी साधकर नैतिक जिम्मेदारी से बच रहे हैं।

वक्फ बोर्ड संशोधन पर आपत्ति

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में एक हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने के मुद्दे पर सपकाल ने वक्फ कानून में हुए संशोधनों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संशोधनों का असली उद्देश्य वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में मंदिरों की संपत्तियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया जा सकता है।

सपकाल ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से जुड़े कथित विवादों और राम मंदिर से संबंधित मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न कानूनों और संशोधनों के जरिए जमीनों और संस्थाओं पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि पारदर्शिता से परहेज किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में मानसून की तबाही से जनता पहले से ही त्रस्त है और विपक्ष सरकार को घेरने के हर अवसर का उपयोग कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मिसिंग लिंक परियोजना में तकनीकी सुझावों की अनदेखी का सवाल केवल विपक्षी बयानबाजी नहीं — यह सार्वजनिक जवाबदेही का मामला है जिसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। मुंबई में हर मानसून में बीएमसी की विफलता एक दोहराई जाने वाली त्रासदी बन चुकी है, चाहे सत्ता में कोई भी हो। वक्फ बोर्ड और मंदिर संपत्तियों की तुलना राजनीतिक रूप से तीखी है, पर इस पर विस्तृत कानूनी विश्लेषण की जरूरत है जो महज प्रेस वार्ता में नहीं मिलती। असली सवाल यह है कि 12 मौतों के बाद भी क्या राज्य सरकार कोई संरचनात्मक बदलाव करेगी या अगले मानसून तक यह बहस भी फाइलों में दब जाएगी।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना में भूस्खलन क्यों हुआ?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में दिए गए तकनीकी सुरक्षा सुझावों को बाद की सरकारों ने नजरअंदाज किया, और कथित भ्रष्टाचार के कारण परियोजना की स्थिति बिगड़ी। सरकार की ओर से इस पर अभी तक आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
मुंबई बारिश में कितनी मौतें हुई हैं?
सपकाल के बयान के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश और उससे जुड़े हादसों में 12 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इनमें मानखुर्द में मकान गिरने, पेड़ गिरने और मैनहोल में गिरने जैसी घटनाएँ शामिल हैं।
हर्षवर्धन सपकाल ने फडणवीस सरकार पर क्या आरोप लगाए?
सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर मिसिंग लिंक भूस्खलन और बारिश से हुई मौतों की नैतिक जिम्मेदारी, बीएमसी की विफलता, और परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार के बावजूद नागरिक बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य की नियुक्ति पर कांग्रेस का क्या रुख है?
सपकाल ने इसे वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश बताया और चेतावनी दी कि भविष्य में मंदिर संपत्तियों के साथ भी ऐसा हो सकता है। उन्होंने उज्जैन के महाकाल मंदिर और राम मंदिर से जुड़े कथित विवादों का हवाला देते हुए सरकार पर पारदर्शिता से बचने का आरोप लगाया।
सपकाल ने प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे पर क्या कहा?
सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं, लेकिन देश में पेपर लीक और राम मंदिर चंदे के विवादों पर चुप हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री को 'मन की बात' में इन मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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