'कहो ना... प्यार है' की शूटिंग याद कर बोलीं गीता कपूर — हर टेक में परफेक्ट थे ऋतिक रोशन
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर ने अभिनेता ऋतिक रोशन की डेब्यू फिल्म 'कहो ना... प्यार है' की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए खुलासा किया कि ऋतिक डेब्यू से पहले ही इस कदर तैयार होकर सेट पर आते थे कि उन्हें नया कलाकार मानना मुश्किल लगता था। गीता ने बताया कि उन्हें फिल्म के हर गाने में बतौर असिस्टेंट काम करने का सौभाग्य मिला था।
सेट पर सबको चौंका देते थे ऋतिक
गीता कपूर ने बताया कि ऋतिक रोशन शूटिंग पर आने से पहले ही अपना पूरा होमवर्क कर चुके होते थे — उन्हें पता होता था कि डांस किस अंदाज़ में करना है और किरदार की माँग क्या है। उन्होंने कहा, 'सेट पर सभी लोग ऋतिक को देखकर हैरान रह जाते थे, क्योंकि वह बहुत तैयारी के साथ आते थे और डायरेक्टर व कोरियोग्राफर की हर बात को ध्यान से सुनते थे। उन्हें देखकर यकीन करना मुश्किल था कि वह एक नए कलाकार हैं।'
गीता के अनुसार ऋतिक का खुला दिमाग उन्हें भीड़ से अलग करता था। फिल्म में उनके किरदार की दोहरी माँग थी — पहले हाफ में एक शांत, संवेदनशील लड़का और दूसरे हाफ में एक आकर्षक, जोशीला डांसर। गीता ने कहा, 'जिस तरह से उसने प्ले किया, मैं शॉक्ड थी। नया है, कुछ तो खामियां हों, कुछ तो गलतियां हों — मेरे लिए, वो परफेक्ट था, हर टेक में परफेक्ट।'
'एक पल का जीना' का आइकॉनिक हुक स्टेप
कोरियोग्राफर ने 'एक पल का जीना' के मशहूर हुक स्टेप को सिखाने का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि ऋतिक के शरीर की स्वाभाविक लचक ने उस स्टेप को एक अनोखी क्वालिटी दी जो किसी और में नहीं देखी। गीता ने कहा, 'हजारों लोग उस हुक स्टेप को करते हैं, लेकिन मैंने किसी और को उनकी तरह करते हुए नहीं देखा है।'
गोविंदा के बाद मिला नया डांसिंग हीरो
गीता कपूर ने बताया कि ऋतिक रोशन से पहले बॉलीवुड में डांसिंग हीरो का एकमात्र संदर्भ-बिंदु गोविंदा थे। उन्होंने कहा, 'मैंने बहुत समय के बाद एक ऐसा आर्टिस्ट देखा जिसने स्क्रीन पर एक अच्छे डांसर की पहचान बनाई। वह एक अच्छा एक्टर और डांसर दोनों था।' गीता ने खुद को सौभाग्यशाली बताया कि उन्हें ऋतिक की पहली फिल्म से ही उनके साथ काम करने का मौका मिला।
ऋतिक का डांस: तुरंत अलग दिखती थी पहचान
गीता ने याद किया कि ऋतिक का डांस सेट पर तुरंत बाकी सबसे अलग नज़र आता था। उनकी सीखने की ललक, कोरियोग्राफर और डायरेक्टर दोनों की बात को बराबर महत्व देने की आदत, और किरदार की बारीकियों को आत्मसात करने की क्षमता ने उन्हें शुरुआत से ही एक असाधारण कलाकार के रूप में स्थापित किया। 'कहो ना... प्यार है' आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा डेब्यू फिल्मों में गिनी जाती है जिन्होंने रातोंरात एक नया सितारा पैदा किया।