13 अगस्त 2026
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चमोली THDC टनल में 14+ मजदूर फंसे, CM धामी ने NDRF-SDRF को युद्धस्तर पर उतारा

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चमोली THDC टनल में 14+ मजदूर फंसे, CM धामी ने NDRF-SDRF को युद्धस्तर पर उतारा

सारांश

चमोली के पीपलकोटी में THDC की विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना की सुरंग में भू-धंसाव से 14 से अधिक मजदूर फंसे हैं। 8 को बचाया जा चुका है। CM धामी ने NDRF-SDRF को तत्काल तैनात किया और युद्धस्तर पर बचाव का आदेश दिया।

मुख्य बातें

चमोली के पीपलकोटी में THDC विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में 13 अगस्त 2026 को भू-धंसाव से मलबा और पानी भर गया।
अब तक 8 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; 14 से अधिक कर्मचारी अभी भी अंदर फंसे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने NDRF और SDRF की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा।
जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके के लिए रवाना; जिला प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियाँ समन्वय में।
CM धामी ने स्पष्ट किया — फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी (THDC) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में 13 अगस्त 2026 को भू-धंसाव के कारण मलबा और पानी भर जाने से 14 से अधिक कर्मचारी अंदर फंस गए। बचाव दल अब तक 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है, जबकि शेष को निकालने के लिए राहत अभियान जारी है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन तैनात कर दिए गए हैं।

धामी ने कहा कि वे स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं तथा स्थिति की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और प्रभावित लोगों व उनके परिजनों को हरसंभव सहायता दी जाए।

राहत बलों की तैनाती

घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को समन्वित तरीके से त्वरित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार भी मौके के लिए रवाना हो गए हैं।

घटनाक्रम और पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में मानसून के चलते भूस्खलन और भू-धंसाव की घटनाएँ बढ़ी हैं। विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना हिमालयी क्षेत्र की एक प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजना है, जहाँ सुरंग निर्माण कार्य चल रहा था। गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में सुरंग दुर्घटनाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है — नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में भी 41 मजदूर 17 दिनों तक फंसे रहे थे।

आगे क्या

बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों के अनुसार फंसे मजदूरों की सटीक संख्या की पुष्टि अभी की जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें अब तक पर्याप्त तवज्जो नहीं मिली है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चमोली THDC टनल हादसा क्या है?
13 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में भू-धंसाव के कारण मलबा और पानी भर गया, जिससे 14 से अधिक कर्मचारी अंदर फंस गए। अब तक 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
कितने मजदूर अभी भी टनल में फंसे हैं?
अधिकारियों के अनुसार 14 से अधिक कर्मचारी अभी भी सुरंग के भीतर फंसे हैं। फंसे लोगों की सटीक संख्या की पुष्टि बचाव दल कर रहा है।
बचाव के लिए कौन-कौन सी एजेंसियाँ तैनात हैं?
NDRF और SDRF की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया है। जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभाग समन्वित अभियान में लगे हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार भी मौके पर पहुँच रहे हैं।
CM धामी ने इस हादसे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को बचाव में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने और प्रभावित परिजनों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए।
विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना क्या है?
यह उत्तराखंड के चमोली जिले में THDC द्वारा निर्मित एक प्रमुख हिमालयी जलविद्युत परियोजना है, जिसके अंतर्गत सुरंग निर्माण कार्य जारी था। इसी सुरंग में 13 अगस्त को भू-धंसाव हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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