14 अगस्त 2026
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चमोली टनल हादसा: CM धामी ने गोपेश्वर अस्पताल में घायल मजदूरों से की मुलाकात, 7 की मौत, 3 अभी भी लापता

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चमोली टनल हादसा: CM धामी ने गोपेश्वर अस्पताल में घायल मजदूरों से की मुलाकात, 7 की मौत, 3 अभी भी लापता

सारांश

चमोली के पीपलकोटी में टीएचडीसी टनल में पानी और मलबा घुसने से 22 मजदूर फँसे — 19 बचाए गए, 7 की मौत, 3 अभी लापता। CM धामी ने गोपेश्वर अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की और छत्तीसगढ़ व झारखंड के CM को भी स्थिति से अवगत कराया।

मुख्य बातें

चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से 22 मजदूर फँस गए।
19 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया; 7 शव बरामद, 3 अभी भी लापता ।
मृतकों में 3 उत्तर प्रदेश , 2 उत्तराखंड और 2 छत्तीसगढ़ के मजदूर शामिल।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
CM ने छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी दी।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लापता मजदूरों की तलाश में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में हुए भीषण हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार, 14 अगस्त को गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुँचे और भर्ती घायल मजदूरों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों को सभी घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से 22 मजदूर अंदर फँस गए थे, जिनमें से 19 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

हादसे का मुख्य घटनाक्रम

राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि टनल में अचानक पानी और मलबा आने से 22 मजदूर और कर्मचारी अंदर फँस गए। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, हेमकुंड साहिब के श्रद्धालुओं तथा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। प्रारंभिक चरण में 12 घायल मजदूरों को बचाकर अस्पताल पहुँचाया गया। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को श्रीनगर रेफर किया गया, जबकि शेष का उपचार गोपेश्वर और पीपलकोटी में जारी है। एक व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

मृतकों की संख्या और लापता मजदूर

मंत्री मदन कौशिक के अनुसार अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं। मृतकों में तीन उत्तर प्रदेश, दो उत्तराखंड और दो छत्तीसगढ़ के मजदूर शामिल हैं। अभी भी 3 मजदूर लापता हैं — जिनमें एक झारखंड और दो छत्तीसगढ़ के हैं — और उनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन अनवरत जारी है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और आश्वासन

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, टनल में फँसे 22 लोगों में से 19 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। अस्पताल में भर्ती लोगों का सही इलाज हो रहा है और सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएँ दी जा रही हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर उन्हें हालात की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि प्रभावित मजदूरों और उनके परिजनों को हर आवश्यक चिकित्सा सहायता और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बचाव अभियान की स्थिति

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब देश स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर था। गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में निर्माण परियोजनाओं के दौरान सुरंग हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लापता तीन मजदूरों की तलाश में जुटी हैं और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके की भौगोलिक चुनौतियाँ बचाव कार्य को जटिल बना रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि हादसे की जाँच स्वतंत्र रूप से हो और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चमोली टनल हादसा क्या है और यह कब हुआ?
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से 22 मजदूर अंदर फँस गए। यह हादसा 14 अगस्त को सामने आया, जिसमें अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
टनल हादसे में कितने लोग बचाए गए और कितने लापता हैं?
फँसे 22 मजदूरों में से 19 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। 7 शव बरामद हो चुके हैं और 3 मजदूर अभी भी लापता हैं — जिनमें एक झारखंड और दो छत्तीसगढ़ के हैं।
CM पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुँचे और घायल मजदूरों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए और छत्तीसगढ़ व झारखंड के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर उन्हें हालात से अवगत कराया।
मृत मजदूर किन राज्यों के थे?
अब तक बरामद सात शवों में तीन उत्तर प्रदेश, दो उत्तराखंड और दो छत्तीसगढ़ के मजदूर हैं। लापता तीन मजदूरों में एक झारखंड और दो छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी टीमें शामिल हैं?
बचाव अभियान में स्थानीय पुलिस, हेमकुंड साहिब के श्रद्धालु, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें शामिल हैं। लापता मजदूरों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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