चमोली टनल हादसा: पानी-मलबे में दबे 7 मजदूरों की मौत, 13 घायल; बचे मजदूरों ने सुनाई खौफनाक आपबीती
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित मायापुर में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन रेलवे टनल में 14 अगस्त 2026 को अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आने से भीषण हादसा हो गया। टनल के भीतर काम कर रहे करीब 20 मजदूर इस त्रासदी में फंस गए, जिनमें से 7 की मौत हो गई और 13 घायलों को गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
गुरुवार को टनल के अंदर काम चल रहा था, तभी अचानक कच्ची मिट्टी, पत्थर और पानी का तेज बहाव आ गया। मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में करीब 15 से 20 मजदूर पानी के बहाव में बह गए। राहत और बचाव दलों ने तत्काल अभियान शुरू किया और 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। शेष 7 मजदूरों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया।
बचे मजदूरों की आंखों देखी
हादसे से बचे मजदूर सुनील दीवान ने शुक्रवार को अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया, 'सब इतना अचानक हुआ कि हमें भागने का भी मौका नहीं मिला। तेज हवा और पानी का दबाव इतना तेज था कि हमें बहाकर ले गया। वहां पहले से भी पानी था। कच्ची मिट्टी, पत्थर और पानी अचानक से आ गया, जिससे हम संभलने का भी मौका नहीं मिला।'
एक अन्य घायल मजदूर ने बताया, 'तेज हवा और पानी के दबाव ने हमें पूरी तरह बाहर फेंक दिया। जब पानी अचानक जोरदार बहाव के साथ आया, तो करीब 15-20 लोग बह गए।' एक और मजदूर ने कहा कि उस वक्त सभी अलग-अलग जगह काम कर रहे थे और पानी-मलबा आते ही अफरा-तफरी मच गई — किसी को कुछ समझ नहीं आया।
अस्पताल में हालात
गोपेश्वर जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने जानकारी देते हुए बताया, 'अब तक टीएचडीसी से कुल 19 लोगों को हमारे पास लाया गया है। इनमें से 7 को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 अभी हमारे पास हैं और उनकी हालत काफी हद तक स्थिर है। हमने उनमें से 10 को भर्ती किया है। एक मजदूर की स्थिति थोड़ी अधिक गंभीर है। सभी का विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज चल रहा है।'
सरकार की प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीपलकोटी का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। धामी ने घायल मजदूरों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में टनल निर्माण के दौरान कोई बड़ा हादसा हुआ हो। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। घायल मजदूरों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।