14 अगस्त 2026
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चमोली टनल हादसा: पानी-मलबे में दबे 7 मजदूरों की मौत, 13 घायल; बचे मजदूरों ने सुनाई खौफनाक आपबीती

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चमोली टनल हादसा: पानी-मलबे में दबे 7 मजदूरों की मौत, 13 घायल; बचे मजदूरों ने सुनाई खौफनाक आपबीती

सारांश

उत्तराखंड के चमोली में टीएचडीसी की निर्माणाधीन रेलवे टनल में पानी और मलबे का सैलाब आया — 7 मजदूर जान गंवा बैठे, 13 घायल अस्पताल में हैं। बचे मजदूरों ने बताया कि सब कुछ इतना अचानक हुआ कि भागने का मौका भी नहीं मिला।

मुख्य बातें

14 अगस्त 2026 को चमोली के पीपलकोटी में टीएचडीसी की रेलवे टनल में पानी और मलबे का तेज बहाव आया।
हादसे में 7 मजदूरों की मौत हुई; 13 घायलों को गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
टनल में उस समय करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे; एक घायल मजदूर की हालत गंभीर बताई गई।
डॉक्टर आयुष के अनुसार अस्पताल में 19 लोगों को लाया गया, जिनमें से 10 भर्ती हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पहुंचे और घायल मजदूरों से मिले।

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित मायापुर में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन रेलवे टनल में 14 अगस्त 2026 को अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आने से भीषण हादसा हो गया। टनल के भीतर काम कर रहे करीब 20 मजदूर इस त्रासदी में फंस गए, जिनमें से 7 की मौत हो गई और 13 घायलों को गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार को टनल के अंदर काम चल रहा था, तभी अचानक कच्ची मिट्टी, पत्थर और पानी का तेज बहाव आ गया। मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में करीब 15 से 20 मजदूर पानी के बहाव में बह गए। राहत और बचाव दलों ने तत्काल अभियान शुरू किया और 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। शेष 7 मजदूरों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया।

बचे मजदूरों की आंखों देखी

हादसे से बचे मजदूर सुनील दीवान ने शुक्रवार को अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया, 'सब इतना अचानक हुआ कि हमें भागने का भी मौका नहीं मिला। तेज हवा और पानी का दबाव इतना तेज था कि हमें बहाकर ले गया। वहां पहले से भी पानी था। कच्ची मिट्टी, पत्थर और पानी अचानक से आ गया, जिससे हम संभलने का भी मौका नहीं मिला।'

एक अन्य घायल मजदूर ने बताया, 'तेज हवा और पानी के दबाव ने हमें पूरी तरह बाहर फेंक दिया। जब पानी अचानक जोरदार बहाव के साथ आया, तो करीब 15-20 लोग बह गए।' एक और मजदूर ने कहा कि उस वक्त सभी अलग-अलग जगह काम कर रहे थे और पानी-मलबा आते ही अफरा-तफरी मच गई — किसी को कुछ समझ नहीं आया।

अस्पताल में हालात

गोपेश्वर जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने जानकारी देते हुए बताया, 'अब तक टीएचडीसी से कुल 19 लोगों को हमारे पास लाया गया है। इनमें से 7 को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 अभी हमारे पास हैं और उनकी हालत काफी हद तक स्थिर है। हमने उनमें से 10 को भर्ती किया है। एक मजदूर की स्थिति थोड़ी अधिक गंभीर है। सभी का विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज चल रहा है।'

सरकार की प्रतिक्रिया

हादसे की सूचना मिलते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीपलकोटी का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। धामी ने घायल मजदूरों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में टनल निर्माण के दौरान कोई बड़ा हादसा हुआ हो। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। घायल मजदूरों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा केवल कागज़ी वादा बनी रहेगी।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चमोली टनल हादसा क्या है और कब हुआ?
14 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन रेलवे टनल में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आ गया, जिससे 7 मजदूरों की मौत हो गई और 13 घायल हो गए।
हादसे में कितने मजदूर प्रभावित हुए और उनकी स्थिति क्या है?
टनल में उस समय करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। 7 को अस्पताल में मृत घोषित किया गया, जबकि 13 घायलों में से 10 को गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। एक मजदूर की हालत अपेक्षाकृत गंभीर बताई गई है।
हादसा कैसे हुआ — मजदूरों ने क्या बताया?
बचे मजदूर सुनील दीवान के अनुसार, कच्ची मिट्टी, पत्थर और पानी इतनी तेज़ी से आए कि भागने का मौका नहीं मिला। एक अन्य मजदूर ने बताया कि तेज हवा और पानी के दबाव ने उन्हें पूरी तरह बाहर फेंक दिया और करीब 15-20 लोग बह गए।
उत्तराखंड सरकार ने हादसे पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पर पहुंचे और पीपलकोटी का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने घायल मजदूरों से मुलाकात की और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं।
टीएचडीसी की रेलवे टनल परियोजना क्या है?
टीएचडीसी (THDC इंडिया लिमिटेड) उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर क्षेत्र में एक रेलवे टनल का निर्माण कर रही है। यह परियोजना पहाड़ी क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, लेकिन भूगर्भीय जोखिमों के कारण यह हादसा हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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