चमोली टनल हादसा: 22 में से 19 मजदूर सुरक्षित, BJP सांसद अनिल बलूनी ने गोपेश्वर अस्पताल में लिया हालचाल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में हुए हादसे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनिल बलूनी शुक्रवार, 14 अगस्त को गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुँचे और घायल मजदूरों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि सभी घायल श्रमिकों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख और बेहतर से बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए।
हादसे का घटनाक्रम
टनल में अचानक पानी और मलबा घुस आने से 22 मजदूर और कर्मचारी अंदर फँस गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, हेमकुंड साहिब के श्रद्धालुओं और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) व राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने यह जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया से बड़ी संख्या में श्रमिकों को समय रहते बाहर निकाला जा सका।
मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अस्पताल पहुँचे और घायलों का हाल जाना। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, टनल में फँसे 22 लोगों में से 19 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। अस्पताल में भर्ती लोगों का सही इलाज हो रहा है और सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएँ दी जा रही हैं।'
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से बात कर उन्हें स्थिति की जानकारी दी और आश्वस्त किया कि प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों को हर आवश्यक चिकित्सा देखभाल व सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह उल्लेखनीय है कि फँसे हुए मजदूरों में अन्य राज्यों के श्रमिक भी शामिल हैं।
BJP सांसद के निर्देश और दौरा
सांसद अनिल बलूनी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने आपदा प्रभावित टनल से रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों का कुशल-क्षेम जाना और उनके उपचार की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि दवाइयों, जाँच, भोजन और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। घायल श्रमिकों के परिजनों को भी हरसंभव सहायता देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
बचाव अभियान की चुनौतियाँ
आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक के अनुसार, टनल में अचानक पानी और मलबा आने से बचाव कार्य प्रारंभ में कठिन रहा। गौरतलब है कि उत्तराखंड में निर्माणाधीन सुरंगों और पहाड़ी परियोजनाओं में इस प्रकार की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं, जो पहाड़ी भूगोल में बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं से जुड़े जोखिमों को रेखांकित करती हैं।
आगे क्या होगा
फिलहाल गंभीर रूप से घायल मजदूरों का गोपेश्वर जिला अस्पताल में उपचार जारी है। शेष 3 लोगों की स्थिति के बारे में अधिकारियों की ओर से अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। बचाव और राहत अभियान की निगरानी राज्य प्रशासन द्वारा की जा रही है।