18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राप्ती नदी में डूबते युवक को 26वीं वाहिनी PAC ने बचाया, गोरखपुर के नौसढ़ रामघाट पर साहसी रेस्क्यू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राप्ती नदी में डूबते युवक को 26वीं वाहिनी PAC ने बचाया, गोरखपुर के नौसढ़ रामघाट पर साहसी रेस्क्यू

सारांश

गोरखपुर के नौसढ़ रामघाट पर 18 अगस्त की शाम राप्ती नदी में छलांग लगाने वाले युवक उमेश कुमार को 26वीं वाहिनी PAC के हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद और उनकी टीम ने मोटरबोट से रेस्क्यू कर बचा लिया। यह वही दल था जो उस समय बाढ़ राहत प्रशिक्षण पर तैनात था — तैयारी ने जान बचाई।

मुख्य बातें

18 अगस्त 2026 की शाम गोरखपुर के नौसढ़ रामघाट पर संतकबीरनगर निवासी उमेश कुमार ने राप्ती नदी में छलांग लगाई।
26वीं वाहिनी PAC के हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद के नेतृत्व में मोटरबोट से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
रेस्क्यू दल में 8 जवान शामिल थे — संजय कुमार गौतम, कृष्णचंद मौर्य, रमेश यादव, मनोज शुक्ला, जितेंद्र कुमार, रवि गौतम और धीरेंद्र गोंड।
युवक को बचाने के बाद स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया; अब उसकी स्थिति सामान्य है।
योगी सरकार के निर्देश पर UP के बाढ़-संवेदनशील क्षेत्रों में PAC दलों की तैनाती और प्रशिक्षण जारी है।

गोरखपुर के नौसढ़ रामघाट पर 18 अगस्त 2026 की शाम करीब शाम 6 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब संतकबीरनगर के धनघटा निवासी उमेश कुमार ने राप्ती नदी में छलांग लगा दी। मौके पर तैनात 26वीं वाहिनी प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) के बाढ़ राहत दल ने बिना एक पल गंवाए मोटरबोट से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया।

घटनाक्रम: कैसे हुई रेस्क्यू

26वीं वाहिनी PAC गोरखपुर के अनुसार, उस समय रामघाट पर PAC का 'बी दल' बाढ़ राहत प्रशिक्षण और नियमित ड्यूटी पर तैनात था। युवक को गहरे पानी में डूबते देख हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद ने तत्काल मोर्चा संभाला और अपनी टीम के साथ मोटरबोट लेकर नदी में उतर गए।

टीम ने अत्यंत कम समय में युवक को खोज निकाला और उसे सुरक्षित किनारे पर लाया। रेस्क्यू के बाद उमेश कुमार को आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, अब उसकी स्थिति सामान्य है।

रेस्क्यू दल के वीर जवान

इस साहसिक अभियान में हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद के नेतृत्व में कांस्टेबल संजय कुमार गौतम, कृष्णचंद मौर्य, रमेश यादव, मनोज शुक्ला, जितेंद्र कुमार, रवि गौतम और धीरेंद्र गोंड शामिल रहे। दलनायक और थाना राजघाट प्रभारी ने बचाव दल की तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।

योगी सरकार की बाढ़ तैयारी का असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत दलों की तैनाती, मोटरबोट समेत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की है और जवानों को बचाव कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि PAC का यह दल उसी प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान रामघाट पर मौजूद था, जिसने इस आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई को संभव बनाया। यह इस बात का प्रमाण है कि समय पर की गई तैयारी वास्तविक आपात स्थितियों में जीवन बचाने में कितनी कारगर साबित होती है।

आगे की स्थिति

बाढ़ राहत दलों की तैनाती और प्रशिक्षण का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान राप्ती सहित कई नदियाँ उफान पर रहती हैं, और प्रशासन ने संवेदनशील घाटों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संयोग नहीं बल्कि सुनियोजित तैयारी का नतीजा है। हालांकि, यह सवाल भी उठता है कि संवेदनशील घाटों पर स्थायी निगरानी और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तंत्र कितना मजबूत है — क्योंकि रेस्क्यू के बाद पुनर्वास उतना ही जरूरी है जितना बचाव।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोरखपुर में राप्ती नदी रेस्क्यू की घटना क्या थी?
18 अगस्त 2026 की शाम गोरखपुर के नौसढ़ रामघाट पर संतकबीरनगर निवासी उमेश कुमार ने राप्ती नदी में छलांग लगा दी। 26वीं वाहिनी PAC के बाढ़ राहत दल ने मोटरबोट से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उन्हें सकुशल बाहर निकाला।
रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किसने किया?
हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद ने रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनके साथ सात अन्य कांस्टेबल — संजय कुमार गौतम, कृष्णचंद मौर्य, रमेश यादव, मनोज शुक्ला, जितेंद्र कुमार, रवि गौतम और धीरेंद्र गोंड — शामिल थे।
PAC का दल उस समय रामघाट पर क्यों मौजूद था?
26वीं वाहिनी PAC का 'बी दल' उस समय रामघाट पर बाढ़ राहत प्रशिक्षण और नियमित ड्यूटी पर तैनात था। योगी सरकार के निर्देश पर बाढ़-संवेदनशील क्षेत्रों में राहत दलों की तैनाती और प्रशिक्षण का यह क्रम चल रहा है।
बचाए गए युवक की अभी क्या स्थिति है?
रेस्क्यू के बाद उमेश कुमार को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया। अधिकारियों के अनुसार, अब उनकी स्थिति सामान्य है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ राहत की क्या तैयारी है?
योगी सरकार ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील जिलों में राहत दलों की तैनाती, मोटरबोट समेत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और जवानों को बाढ़ बचाव का विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। गोरखपुर की यह घटना इन्हीं तैयारियों की व्यावहारिक सफलता का उदाहरण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले