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क्या देहरादून आपदा में एनडीआरएफ ने 497 छात्रों को बचाया?

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क्या देहरादून आपदा में एनडीआरएफ ने 497 छात्रों को बचाया?

सारांश

उत्तराखंड में बाढ़ और जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। एनडीआरएफ ने 497 छात्रों और एक बच्चे को बचाने में सफलता प्राप्त की है। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। जानिए इस संकट के दौरान सरकार और एनडीआरएफ की क्या भूमिका रही है।

मुख्य बातें

एनडीआरएफ की सक्रियता से 497 छात्रों और एक बच्चे की जान बचाई गई।
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से हरिद्वार में अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
आपदा प्रबंधन टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रही है।

देहरादून/हरिद्वार, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड में अत्यधिक बारिश और बादल फटने के कारण देहरादून सहित कई स्थानों पर बाढ़ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने मंगलवार को देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण बचाव अभियानों का संचालन किया, जिसमें एक बच्चे और 497 छात्रों को सुरक्षित रूप से बचाया गया।

एनडीआरएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इन अभियानों के बारे में जानकारी साझा की।

एनडीआरएफ के अनुसार, देहरादून के प्रेमनगर स्थित थरकुरपुर में स्वर्णा नदी की बाढ़ में एक बच्चा फंस गया। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने फ्लड वाटर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार प्रदान किया।

एक अन्य पोस्ट में एनडीआरएफ ने बताया कि 497 छात्रों को भी सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। उन्होंने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "प्रेमनगर स्थित देवभूमि कॉलेज में छात्र बाढ़ के कारण फंसे होने की सूचना दी थी। इसके पश्चात एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 497 छात्रों को सुरक्षित निकाला।"

एनडीआरएफ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

वहीं, हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों को सख्त अलर्ट जारी किया है।

प्रशासन ने स्थिति को गंभीर बताते हुए आवश्यक सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। गंगा किनारे के निवासियों को बचाने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं।

हरिद्वार पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए जागरूकता अभियान चला रही है ताकि अचानक बढ़ते जलस्तर से नुकसान से बचा जा सके। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को चेतावनी दी है कि वे नदी के निकट न जाएं और अलर्ट का पूरी तरह पालन करें।

इसके साथ ही जिला अधिकारी और आपदा प्रबंधन टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के बारे में जानकारी ली। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनडीआरएफ और अन्य स्थानीय प्रशासन एक साथ मिलकर राहत कार्यों में जुटे हैं। यह समय एकजुटता का है, जहां सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। हम सभी को चाहिए कि हम सुरक्षित रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीआरएफ ने कितने छात्रों को बचाया?
एनडीआरएफ ने 497 छात्रों को सुरक्षित बचाया।
गंगा का जलस्तर क्यों बढ़ रहा है?
गंगा का जलस्तर अत्यधिक बारिश के कारण बढ़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों को क्या सलाह दी है?
प्रशासन ने लोगों को नदी के निकट न जाने और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
क्या पीएम मोदी ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है?
हाँ, पीएम मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात की और मदद का आश्वासन दिया।
आपदा प्रबंधन टीम क्या कर रही है?
आपदा प्रबंधन टीम प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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