नीट पेपर लीक: सलमान खुर्शीद बोले — सरकार ने अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने 25 जुलाई को नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले में सरकार अब तक कोई संतोषजनक जवाब देने में विफल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह देश के भीतर हुई घटना है और इससे ध्यान भटकाने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है।
मुख्य आरोप और बयान
खुर्शीद ने कहा कि सरकार जिसे चाहे बदनाम कर सकती है, लेकिन उसने अब तक यह नहीं बताया कि नीट पेपर चोरी और लीक में किसी विदेशी देश का हाथ था। उनके अनुसार, यह घटना पूरी तरह देश के भीतर की है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह बताए कि इतनी बड़ी परीक्षा में गड़बड़ी आखिर कैसे हुई। उन्होंने कहा, 'किसी दूसरे देश पर आरोप लगाने या अन्य मुद्दों की ओर ध्यान मोड़ने के बजाय सरकार को इस तरह के मामलों में जवाबदेही तय करनी चाहिए।'
छात्र आंदोलन और राजनीतिक समर्थन
कांग्रेस नेता ने कहा कि नीट आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छात्र और उनकी शिकायतें उठाने वाले लोग लगातार अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दल और संगठन छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। खुर्शीद के अनुसार, जब तक इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं होगा और उनका समाधान नहीं निकलेगा, तब तक किसी भी बातचीत का सार्थक परिणाम संभव नहीं है।
पैलेट गन के आरोप पर सरकार से जवाब की माँग
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाए जाने पर खुर्शीद ने कहा कि इसका जवाब केंद्र सरकार को देना होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रभावित लोगों को सामने ला सकते हैं और उपलब्ध सबूत जनता के सामने रख सकते हैं, लेकिन इन आरोपों पर अंतिम जवाब सरकार की ओर से ही आना चाहिए।
माफी और समाधान की माँग
खुर्शीद ने आरोप लगाया कि अब तक छात्रों से न तो माफी मांगी गई है और न ही उनकी चिंताओं का उचित समाधान किया गया है। उन्होंने दोहराया कि सरकार को छात्रों की भावनाओं और उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए इस पूरे मामले पर जवाबदेही तय करनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद संसद में भी गूंज चुका है और देशभर में छात्र सड़कों पर उतरे हैं।
आगे क्या
खुर्शीद ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन सवालों का जवाब देगी। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले में जाँच एजेंसियाँ कथित तौर पर कई राज्यों में जाँच कर रही हैं, लेकिन विपक्ष का कहना है कि अब तक की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।