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नीट पेपर लीक: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने छात्रों पर 'पुलिस बर्बरता' रोकने की माँग की

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नीट पेपर लीक: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने छात्रों पर 'पुलिस बर्बरता' रोकने की माँग की

सारांश

नीट-यूजी 2026 रद्द होने के बाद दिल्ली में संसद मार्च कर रहे छात्रों पर आँसू गैस के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा — जिनका भविष्य दाँव पर है, उन्हें लाठी से पीटना लोकतंत्र पर हमला है।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता जताई और 'पुलिस बर्बरता' तुरंत रोकने की माँग की।
नीट-यूजी 2026 परीक्षा मई में पेपर लीक के बाद रद्द की गई, जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए।
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सीजेपी के हज़ारों समर्थकों पर सुरक्षा बलों ने आँसू गैस का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने संसद की ओर मार्च की अनुमति नहीं दी थी।
रेवंत रेड्डी ने पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए 'कड़ी से कड़ी सजा' की माँग दोहराई।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए केंद्र सरकार से 'पुलिस की बर्बरता' तत्काल बंद करने और जवाबदेही तय करने की माँग की। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों का भविष्य दाँव पर लगा है, उन्हें लाठियों से पीटना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि पूरे भारत से आए छात्र जब संसद की ओर मार्च कर रहे थे, तब उन्हें लाठियों से पीटा गया। उन्होंने लिखा, 'केंद्र सरकार उन्हीं युवाओं को चुप कराने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है, जिनका भविष्य उसने खतरे में डाल दिया है।'

उनके अनुसार, 'प्रदर्शनकारी छात्र पर किया गया हर प्रहार भाजपा के सवालों, सच्चाई और लोकतांत्रिक असहमति के डर को उजागर करता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भारत के छात्रों के साथ दृढ़ता से खड़े हैं।

दिल्ली में क्या हुआ

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हज़ारों समर्थक संसद की ओर मार्च करने के लिए एकत्र हुए। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले दागे।

नीट-यूजी 2026 विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब मई में परीक्षा पेपर लीक के बाद नीट-यूजी 2026 को रद्द कर दिया गया था। रेवंत रेड्डी ने उस समय भी कहा था कि इस रद्दीकरण से पूरे भारत में लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटना सामने आई हो। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक खामियाँ बार-बार उजागर होती रही हैं।

जवाबदेही की माँग

रेवंत रेड्डी ने पहले भी कहा था कि राष्ट्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता हर कीमत पर सुरक्षित रखी जानी चाहिए। उन्होंने माँग की है कि पेपर लीक या भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति या नेटवर्क को — 'चाहे उनका प्रभाव या पद कुछ भी हो' — कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

आगे यह देखना होगा कि केंद्र सरकार छात्रों की माँगों पर क्या रुख अपनाती है और नीट पुनर्परीक्षा की तारीख कब घोषित की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो जवाबदेही केवल केंद्र तक सीमित क्यों? छात्रों की पीड़ा वास्तविक है — नीट-यूजी 2026 का रद्द होना लाखों परिवारों के लिए एक साल की मेहनत का नुकसान है। लेकिन इस संकट का स्थायी समाधान राजनीतिक बयानबाज़ी में नहीं, परीक्षा प्रणाली के ढाँचागत सुधार में है, जिसकी माँग अभी तक किसी भी दल ने ठोस रूप से नहीं उठाई।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
नीट-यूजी 2026 परीक्षा मई में पेपर लीक के खुलासे के बाद रद्द की गई। इससे पूरे भारत में लाखों छात्रों और उनके परिवारों में भारी चिंता और अनिश्चितता का माहौल बन गया।
तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने क्या माँग की है?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों पर 'पुलिस की बर्बरता' तुरंत बंद करने और नीट तथा अन्य परीक्षा पेपर लीक कांड में जवाबदेही तय करने की माँग की है। उन्होंने दोषियों के लिए कड़ी सजा की भी माँग की।
दिल्ली में छात्रों पर आँसू गैस क्यों दागी गई?
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सीजेपी के हज़ारों समर्थक संसद की ओर मार्च करने के लिए एकत्र हुए। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले दागे गए।
नीट पेपर लीक विवाद से कौन प्रभावित हुआ है?
नीट-यूजी 2026 रद्द होने से पूरे भारत में लाखों मेडिकल प्रवेश परीक्षा के अभ्यर्थी और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। छात्रों का एक पूरा शैक्षणिक वर्ष अनिश्चितता में है।
क्या रेवंत रेड्डी ने पहले भी नीट विवाद पर बयान दिया था?
हाँ, नीट-यूजी 2026 रद्द होने पर प्रतिक्रिया देते हुए रेवंत रेड्डी ने पहले भी कहा था कि राष्ट्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता हर कीमत पर सुरक्षित रखी जानी चाहिए और पेपर लीक में शामिल किसी भी व्यक्ति या नेटवर्क को — चाहे उनका पद कुछ भी हो — कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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