नीट पेपर लीक: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने छात्रों पर 'पुलिस बर्बरता' रोकने की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए केंद्र सरकार से 'पुलिस की बर्बरता' तत्काल बंद करने और जवाबदेही तय करने की माँग की। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों का भविष्य दाँव पर लगा है, उन्हें लाठियों से पीटना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि पूरे भारत से आए छात्र जब संसद की ओर मार्च कर रहे थे, तब उन्हें लाठियों से पीटा गया। उन्होंने लिखा, 'केंद्र सरकार उन्हीं युवाओं को चुप कराने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है, जिनका भविष्य उसने खतरे में डाल दिया है।'
उनके अनुसार, 'प्रदर्शनकारी छात्र पर किया गया हर प्रहार भाजपा के सवालों, सच्चाई और लोकतांत्रिक असहमति के डर को उजागर करता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भारत के छात्रों के साथ दृढ़ता से खड़े हैं।
दिल्ली में क्या हुआ
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हज़ारों समर्थक संसद की ओर मार्च करने के लिए एकत्र हुए। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले दागे।
नीट-यूजी 2026 विवाद की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब मई में परीक्षा पेपर लीक के बाद नीट-यूजी 2026 को रद्द कर दिया गया था। रेवंत रेड्डी ने उस समय भी कहा था कि इस रद्दीकरण से पूरे भारत में लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटना सामने आई हो। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक खामियाँ बार-बार उजागर होती रही हैं।
जवाबदेही की माँग
रेवंत रेड्डी ने पहले भी कहा था कि राष्ट्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता हर कीमत पर सुरक्षित रखी जानी चाहिए। उन्होंने माँग की है कि पेपर लीक या भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति या नेटवर्क को — 'चाहे उनका प्रभाव या पद कुछ भी हो' — कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
आगे यह देखना होगा कि केंद्र सरकार छात्रों की माँगों पर क्या रुख अपनाती है और नीट पुनर्परीक्षा की तारीख कब घोषित की जाती है।