नीट लाठीचार्ज पर रामदास आठवले बोले — पुलिस का काम सही, लेकिन छात्रों पर बल प्रयोग गलत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने मंगलवार, 21 जुलाई को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक विरोध मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज उचित नहीं था। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को संयम बरतना चाहिए था।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार, 20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने 'संसद चलो' मार्च निकाला। इन छात्रों की मुख्य माँग थी कि 3 मई को हुए नीट पेपर लीक मामले की जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। जब प्रदर्शनकारी रेल भवन के पास पहुँचे तो पुलिस ने उन्हें रोका और लाठीचार्ज किया।
आठवले का बयान
संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए आठवले ने कहा कि पुलिस को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी पड़ी, क्योंकि प्रदर्शनकारी संसद परिसर तक पहुँचने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'उन्होंने संसद तक पहुँचने की कोशिश की, इसलिए लाठीचार्ज हुआ। लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जब छात्रों को रेल भवन के पास रोका गया, तो उन्हें अपना विरोध वहीं तक सीमित रखना चाहिए था।
सीजेपी-नड्डा बैठक पर प्रतिक्रिया
सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक का उल्लेख करते हुए आठवले ने उम्मीद जताई कि इससे कोई ठोस समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा, 'बैठक से कोई न कोई समाधान निकलना चाहिए। हमने भी कई विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है — इसे सीमित रखा जाना चाहिए।'
पीएम मोदी के बयान पर आठवले का रुख
एनडीए के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीट पर दिए बयान के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया है कि जो हुआ वह गलत था और लाखों छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बताया, 'जिन लोगों ने ऐसी कोशिश की है, वे सभी पकड़े जा चुके हैं और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।' आठवले के अनुसार, मोदी ने यह भी कहा कि केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारों की भी यह जिम्मेदारी है कि परीक्षाओं के दौरान ऐसी घटनाएँ न हों।
विपक्ष पर पलटवार और आगे की राह
आठवले ने कहा कि सरकार 'युवा शक्ति' के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयानों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सरकार ऐसे कदम उठाएगी जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएँ दोबारा न हों। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद ने पूरे देश में उच्च शिक्षा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।