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नीट लाठीचार्ज पर रामदास आठवले बोले — पुलिस का काम सही, लेकिन छात्रों पर बल प्रयोग गलत

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नीट लाठीचार्ज पर रामदास आठवले बोले — पुलिस का काम सही, लेकिन छात्रों पर बल प्रयोग गलत

सारांश

नीट पेपर लीक के खिलाफ 'संसद चलो' मार्च में हुए लाठीचार्ज पर एनडीए सहयोगी और केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने दोहरा रुख अपनाया — पुलिस की मजबूरी मानी, लेकिन छात्रों पर बल प्रयोग को गलत ठहराया। यह बयान सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर नीट मुद्दे पर बढ़ती बेचैनी का संकेत है।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 21 जुलाई को कहा कि नीट विरोध मार्च में दिल्ली पुलिस का लाठीचार्ज गलत था।
सोमवार, 20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व में छात्रों ने 'संसद चलो' मार्च निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की।
आठवले ने कहा — पुलिस की कार्रवाई समझ में आती है, लेकिन रेल भवन के पास छात्रों को रोकने के बाद लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए था।
पीएम मोदी ने 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में माना कि नीट में जो हुआ वह गलत था और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
आठवले ने राहुल गांधी के बयानों को बेबुनियाद बताया और कहा कि सरकार भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए कदम उठाएगी।

केंद्रीय राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने मंगलवार, 21 जुलाई को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक विरोध मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज उचित नहीं था। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को संयम बरतना चाहिए था।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार, 20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने 'संसद चलो' मार्च निकाला। इन छात्रों की मुख्य माँग थी कि 3 मई को हुए नीट पेपर लीक मामले की जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। जब प्रदर्शनकारी रेल भवन के पास पहुँचे तो पुलिस ने उन्हें रोका और लाठीचार्ज किया।

आठवले का बयान

संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए आठवले ने कहा कि पुलिस को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी पड़ी, क्योंकि प्रदर्शनकारी संसद परिसर तक पहुँचने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'उन्होंने संसद तक पहुँचने की कोशिश की, इसलिए लाठीचार्ज हुआ। लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जब छात्रों को रेल भवन के पास रोका गया, तो उन्हें अपना विरोध वहीं तक सीमित रखना चाहिए था।

सीजेपी-नड्डा बैठक पर प्रतिक्रिया

सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक का उल्लेख करते हुए आठवले ने उम्मीद जताई कि इससे कोई ठोस समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा, 'बैठक से कोई न कोई समाधान निकलना चाहिए। हमने भी कई विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है — इसे सीमित रखा जाना चाहिए।'

पीएम मोदी के बयान पर आठवले का रुख

एनडीए के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीट पर दिए बयान के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया है कि जो हुआ वह गलत था और लाखों छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बताया, 'जिन लोगों ने ऐसी कोशिश की है, वे सभी पकड़े जा चुके हैं और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।' आठवले के अनुसार, मोदी ने यह भी कहा कि केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारों की भी यह जिम्मेदारी है कि परीक्षाओं के दौरान ऐसी घटनाएँ न हों।

विपक्ष पर पलटवार और आगे की राह

आठवले ने कहा कि सरकार 'युवा शक्ति' के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयानों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सरकार ऐसे कदम उठाएगी जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएँ दोबारा न हों। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद ने पूरे देश में उच्च शिक्षा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एनडीए के भीतर बढ़ती असहजता का संकेत है — एक सहयोगी दल का नेता सार्वजनिक रूप से पुलिस कार्रवाई को 'गलत' कह रहा है, जबकि सरकार बचाव की मुद्रा में है। गौरतलब है कि नीट विवाद ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर जो सवाल उठाए हैं, उनका जवाब अभी तक ठोस नीतिगत कदमों से नहीं मिला है। पीएम मोदी का 'मंगल मिलन' में दिया बयान सहानुभूति तो दर्शाता है, लेकिन जवाबदेही की माँग — खासकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की — अनुत्तरित है। असली परीक्षा यह है कि सरकार सीजेपी-नड्डा बैठक के बाद कोई ठोस तंत्र बनाती है या यह भी महज़ संवाद की औपचारिकता बनकर रह जाती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने नीट लाठीचार्ज पर क्या कहा?
आठवले ने कहा कि दिल्ली पुलिस को संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकना पड़ा, लेकिन छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को रेल भवन पर ही रुककर संयम बरतना चाहिए था।
'संसद चलो' मार्च क्यों निकाला गया?
सोमवार, 20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व में छात्रों ने 3 मई के नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर संसद तक मार्च किया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर लाठीचार्ज किया।
नीट पेपर लीक पर पीएम मोदी का क्या रुख है?
आठवले के अनुसार, पीएम मोदी ने 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में कहा कि नीट में जो हुआ वह गलत था और लाखों छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी। मोदी ने यह भी कहा कि दोषी पकड़े जा चुके हैं और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
सीजेपी और जेपी नड्डा की बैठक का क्या नतीजा रहा?
आठवले ने बताया कि सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ बैठक हुई और उम्मीद जताई कि इससे कोई समाधान निकलेगा। बैठक के ठोस नतीजों का अभी तक आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
क्या सरकार भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए कोई कदम उठाएगी?
आठवले ने कहा कि सरकार ऐसे कदम उठाएगी जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएँ दोबारा न हों। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारों की भी यह जिम्मेदारी है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
राष्ट्र प्रेस
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