पश्चिम एशिया संकट: PM मोदी ने CCS बैठक की अध्यक्षता की, भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक की अध्यक्षता की, जो पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष की पृष्ठभूमि में बुलाई गई थी। बैठक में विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों और समुदाय के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में क्या हुआ
बैठक में कैबिनेट सचिव ने CCS को मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों, एलएनजी, एलपीजी और उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहले से कदम उठाए जा चुके हैं। एलपीजी खरीद के स्रोतों में विविधता लाई जा चुकी है और प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार संतोषजनक स्तर पर बना हुआ है।
कैबिनेट सचिव ने यह भी बताया कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता के चलते केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (CPSE) की रिफाइनरियाँ 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर संचालित हो रही हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल और अन्य उत्पादों का उत्पादन निर्बाध जारी है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर विशेष चर्चा
संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में घरेलू और विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा हुई। यह चर्चा ऐसे समय हुई जब पश्चिम एशिया के जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया कि नाविकों और उनके परिजनों को समय पर सूचना, आपातकालीन सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने के लिए एक प्रभावी और समन्वित तंत्र विकसित किया जाए।
उर्वरक और ऊर्जा आपूर्ति की समीक्षा
बैठक में आगामी रबी सीजन के लिए उर्वरकों की आवश्यकता का आकलन भी किया गया। वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर विचार-विमर्श हुआ और प्रधानमंत्री ने देश में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मोदी ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय और गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्रोतों को प्राथमिकता देने की बात कही। सरकार राष्ट्रीय गैस ग्रिड के विस्तार, एलएनजी आयात और री-गैसीफिकेशन अवसंरचना को मजबूत करने, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार और पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर-2026 के तहत समयबद्ध कनेक्टिविटी पर काम कर रही है।
PM मोदी का एक्स पर संदेश
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'आज मैंने पश्चिम एशिया में चल रही घटनाओं के बाद की स्थिति की समीक्षा के लिए CCS की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में लोगों के कल्याण और जरूरी चीज़ों की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।'
आगे की रणनीति
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार का 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' दृष्टिकोण जारी रहेगा। सभी घटनाक्रमों की नियमित निगरानी और आवश्यक कदमों के त्वरित क्रियान्वयन के लिए एक समन्वित तंत्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय हुई जब पश्चिम एशिया में तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और समुद्री व्यापार मार्गों को सीधे प्रभावित कर रहा है।