पाकिस्तान में एचआईवी संक्रमण 2010 से 20% बढ़ा, 21 देशों की चेतावनी सूची में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान में तमाम सरकारी प्रयासों के बावजूद एचआईवी संक्रमण की दर थमने का नाम नहीं ले रही। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान को उन 21 देशों की सूची में रखा गया है जहाँ एचआईवी नियंत्रण में कुछ प्रगति होने के बाद भी नए संक्रमणों की संख्या लगातार ऊपर जा रही है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर एचआईवी कार्यक्रमों की फंडिंग में भारी कटौती हो रही है।
संक्रमण दर में कितनी बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, 2010 से 2025 के बीच पाकिस्तान में नए एचआईवी संक्रमणों की संख्या में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। पाकिस्तान को बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ब्राजील, मिस्र और फिलीपींस जैसे देशों के साथ उस समूह में रखा गया है जहाँ एचआईवी महामारी अभी भी फैल रही है। गौरतलब है कि यह वह देश हैं जो आर्थिक और स्वास्थ्य संसाधनों की सीमाओं से जूझ रहे हैं।
फंडिंग में कटौती से बढ़ा संकट
2025 में एचआईवी कार्यक्रमों के लिए बाहरी वित्तीय सहायता 2024 की तुलना में 18 प्रतिशत कम हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कटौती से कई निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रोकथाम कार्यक्रम, एचआईवी जाँच, समुदाय-आधारित सेवाएँ और अन्य ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। चिंता यह है कि यदि सरकारें और अंतरराष्ट्रीय दानदाता दोबारा निवेश नहीं बढ़ाते, तो अब तक की हासिल प्रगति पलट सकती है।
रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि एचआईवी रोकथाम कार्यक्रम सबसे अधिक जोखिम में हैं, क्योंकि वे बड़े पैमाने पर बाहरी फंडिंग पर निर्भर रहते हैं। कई देशों ने घरेलू संसाधनों से एंटीरेट्रोवायरल उपचार जारी रखा है, लेकिन रोकथाम की कड़ी कमज़ोर पड़ रही है।
पाकिस्तान की ग्लोबल फंड से मदद की माँग
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान ग्लोबल फंड के ग्रांट साइकिल आठ के तहत फंडिंग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। देश एचआईवी संबंधी कार्यक्रमों के लिए 5 करोड़ डॉलर (50 मिलियन डॉलर) से अधिक की सहायता माँग रहा है। यह प्रस्ताव एचआईवी/एड्स, तपेदिक (टीबी) और मलेरिया से जुड़े व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है।
प्रस्तावित अनुदान का उपयोग एंटीरेट्रोवायरल उपचार, एचआईवी जाँच, प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करने, दवाइयों और जाँच सामग्री की खरीद, रोग निगरानी, उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए रोकथाम कार्यक्रमों और माँ से बच्चे में एचआईवी संक्रमण रोकने के प्रयासों के लिए किया जाएगा।
वैश्विक एचआईवी संकट की तस्वीर
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया भर में लगभग 4.1 करोड़ लोग एचआईवी के साथ जीवन जी रहे थे। इसी वर्ष करीब 12 लाख लोगों में नया संक्रमण पाया गया, जबकि लगभग 5.7 लाख लोगों की मृत्यु एड्स से जुड़ी बीमारियों के कारण हुई। ये आँकड़े बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर एचआईवी के विरुद्ध लड़ाई अभी भी एक नाज़ुक मोड़ पर है।
आने वाले महीनों में पाकिस्तान का ग्लोबल फंड प्रस्ताव स्वीकृत होता है या नहीं, यह देश के एचआईवी कार्यक्रमों की दिशा तय करेगा।