पाकिस्तान में बच्चों में एचआईवी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, असुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं हैं मुख्य कारण
सारांश
Key Takeaways
- एचआईवी मामलों में वृद्धि चिंता का विषय है।
- असुरक्षित स्वास्थ्य प्रथाएं मुख्य कारण हैं।
- सरकार को जल्द कदम उठाने की आवश्यकता है।
- बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल में सुधार आवश्यक है।
कराची, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान में पिछले नौ महीनों में कराची के तीन अस्पतालों में भर्ती बच्चों के बीच ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के मामलों में वृद्धि देखी गई है और नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
सिंध इन्फेक्शियस डिजीज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (एसआईडीएचएंडआरसी) ने 2024 में 10 एचआईवी पॉजिटिव बच्चों को भर्ती किया था और 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 से अधिक हो गई। पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष एचआईवी पॉजिटिव 30 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
2024 में इंडस हॉस्पिटल में 144 एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई थी, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 171 हो गई। इसके अतिरिक्त, इसी वर्ष की पहली तिमाही में इस अस्पताल में 69 एचआईवी मरीज सामने आए हैं।
इंडस हॉस्पिटल में इन्फेक्शन कंट्रोल सर्विसेज की चेयर और इन्फेक्शियस डिजीज की कंसल्टेंट डॉ. समरीन सरफराज ने डॉन को बताया, "हमारे हॉस्पिटल में बच्चों के पंजीकृत मामलों में बहुत अधिक वृद्धि हुई है। अगस्त 2025 से अब तक, 14 वर्ष से कम उम्र के 72 बच्चे पंजीकृत हुए हैं, जिनमें से 68 प्रतिशत पांच वर्ष से कम उम्र के हैं।"
डॉ. सरफराज के अनुसार, उनके पंजीकृत बच्चों के एचआईवी मामलों में से अधिकांश की वजह असुरक्षित स्वास्थ्य देखभाल प्रथाओं के कारण है। उन्होंने कहा कि सीरिंज, सुई, इंट्रावीनस ड्रिप सेट और कैनुला का दोबारा उपयोग, खराब या गलत तरीके से स्टरिलाइज किए गए चिकित्सा उपकरणों का उपयोग और बिना स्क्रीनिंग वाला खून चढ़ाना स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स में एचआईवी फैलने के प्रमुख कारण हैं।
सरफराज ने यह भी बताया कि कमर्शियल कारणों से सार्वजनिक क्षेत्र के कई डॉक्टर खाने वाली दवाओं के बजाय ड्रिप और इंजेक्शन को प्राथमिकता देते हैं। उनके अनुसार, यूएसएआईडी (यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट) की फंडिंग में कमी के कारण पूरे पाकिस्तान में एंटीरेट्रोवायरल और एंटी-ट्यूबरकुलोसिस दवाओं की कमी हो गई है।
सरफराज के मुताबिक, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के ईस्टर्न मेडिटेरेनियन (डब्ल्यूएचओ ईएमआरओ) के सभी क्षेत्रों में पाकिस्तान में एचआईवी महामारी सबसे तेजी से फैल रही है।
उन्होंने सिरिंज, कैनुला, ड्रिप सेट और मल्टी-डोज वायल के दोबारा उपयोग जैसी सामान्य गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इंजेक्शन सुरक्षा के लिए नेशनल एक्शन प्लान 2019 को लागू करने की भी मांग की।