गाजियाबाद: गौर ग्रीन एवेन्यू में भीषण आग, 70 दमकल कर्मियों ने 2 घंटे में बुझाई; 10 लोग सुरक्षित रेस्क्यू
सारांश
Key Takeaways
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी की एक बहुमंजिला इमारत में 29 अप्रैल की सुबह भीषण आग लग गई, जो देखते-देखते 9वें, 10वें और 11वें तल तक फैल गई और पूरी बिल्डिंग में जहरीला काला धुआं भर गया। 70 दमकल कर्मियों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया और 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग और कब मिली सूचना
अधिकारियों के अनुसार, सुबह 8:48 बजे फायर स्टेशन वैशाली को घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में पाँच दमकल गाड़ियाँ तत्काल मौके के लिए रवाना हुईं। मौके पर पहुँचने पर स्थिति बेहद गंभीर पाई गई — कई फ्लैटों में आग धधक रही थी और कुछ लोग अंदर फंसे हुए थे।
आग की भयावहता को देखते हुए अन्य फायर स्टेशनों से भी तत्काल सहायता माँगी गई। इसके साथ ही गौतमबुद्धनगर से हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अतिरिक्त दमकल वाहन भी बुलाए गए।
राहत और बचाव अभियान
कुल मिलाकर 17 दमकल गाड़ियाँ, वाटर बाउजर और 2 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल विभाग की टीमें दो हिस्सों में बंटकर काम करती रहीं — एक दल आग बुझाने में जुटा रहा, जबकि दूसरा दल सीढ़ियों के ज़रिए फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में लगा रहा।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति भी शामिल थे, जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। इमारत में फैले घने धुएँ और अफरा-तफरी के बीच निवासियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी।
रेस्क्यू कटर से काटे गए बंद दरवाज़े
दमकल कर्मियों ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए पूरी बिल्डिंग को खाली कराया। कई फ्लैटों के दरवाज़े बंद होने के कारण रेस्क्यू कटर की मदद से दरवाज़े काटकर अंदर पहुँचा गया और आग बुझाई गई। करीब 2 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
इस दौरान कुल 70 दमकल कर्मियों ने संयुक्त रूप से अभियान को अंजाम दिया। इस त्वरित कार्रवाई के चलते आसपास के करीब 22 फ्लैटों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया।
नुकसान और मौके पर मौजूद एजेंसियाँ
हालाँकि कुछ फ्लैटों में धुएँ और गर्मी के कारण आंशिक नुकसान हुआ है, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर सिविल डिफेंस, पुलिस, मेडिकल टीम, SDRF और प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना एक बार फिर हाईराइज इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की ज़रूरत को रेखांकित करती है।