सिंहस्थ 2028: मध्य प्रदेश पुलिस की तैयारी शुरू, डीजीपी मकवाना ने रेलवे सुरक्षा समिति के साथ की उच्चस्तरीय बैठक
सारांश
Key Takeaways
- 29 अप्रैल 2026 को भोपाल में राज्य रेलवे सुरक्षा समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक हुई।
- बैठक की अध्यक्षता डीजीपी कैलाश मकवाना ने की; उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए दीर्घकालिक योजना पर जोर दिया।
- 22 अप्रैल 2026 से उज्जैन में 21 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है।
- 117 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो जिलों में आगे प्रशिक्षण देंगे।
- रेलवे पर बढ़ते दबाव के लिए अतिरिक्त ट्रेनें, उन्नत निगरानी और समन्वित भीड़ नियंत्रण की योजना बनाई गई।
मध्य प्रदेश पुलिस ने सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियों को लेकर अभी से रणनीतिक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 29 अप्रैल 2026 को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्य रेलवे सुरक्षा समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें रेलवे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उज्जैन में आयोजित होने वाले इस विशाल धार्मिक मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में क्या हुआ
बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने की। उन्होंने कहा कि राज्य का विस्तृत रेलवे नेटवर्क सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को संभालने में सबसे अहम भूमिका निभाएगा। मकवाना ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व नियोजन, सतत निगरानी और सभी विभागों के बीच सुदृढ़ समन्वय अनिवार्य है।
बैठक में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, निगरानी तंत्र को उन्नत बनाने, रेल पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संवेदनशील स्टेशनों पर तैयारियाँ बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त अपराध रोकथाम, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा, तथा आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
रेलवे दबाव की तैयारी
अधिकारियों ने सिंहस्थ 2028 के दौरान रेलवे पर बढ़ने वाले यात्री दबाव को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की। इसमें अतिरिक्त ट्रेनें चलाने, भारी यात्री संख्या को व्यवस्थित रूप से संभालने, स्टेशनों पर सुविधाएँ बेहतर करने और भीड़ नियंत्रण के लिए समन्वित तंत्र लागू करने पर सहमति बनी। गौरतलब है कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में यातायात प्रबंधन की चूक गंभीर परिणाम दे सकती है, इसलिए यह तैयारी दो वर्ष पहले से शुरू की गई है।
उज्जैन में जमीनी प्रशिक्षण
रणनीतिक बैठकों के साथ-साथ पुलिस ने उज्जैन में जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण भी आरंभ कर दिया है। 22 अप्रैल 2026 से शुरू हुए 21 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों को बड़े आयोजनों को संभालने के लिए सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में 117 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो आगे जाकर विभिन्न जिलों में अन्य पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण के विषयों में भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया, प्रतिकूल मौसम में कार्य करना और श्रद्धालुओं के साथ प्रभावी संवाद शामिल हैं।
फील्ड विजिट और आकलन
अधिकारियों को फील्ड विजिट भी कराई जा रही है, ताकि वे मौके पर प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग और प्रमुख स्थानों पर भीड़ की आवाजाही का प्रत्यक्ष आकलन कर सकें। यह ऐसे समय में आया है जब देश में बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ की घटनाओं ने प्रशासनिक तैयारियों की महत्ता को और रेखांकित किया है।
आगे की राह
रेलवे सुरक्षा योजना और जमीनी प्रशिक्षण को एकीकृत कर राज्य सरकार एक तकनीक-आधारित, समन्वित और प्रभावी पुलिस व्यवस्था विकसित करना चाहती है। अधिकारियों के अनुसार इस पहल से सिंहस्थ 2028 के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित किया जा सकेगा।