मार्को रुबियो का पहला भारत दौरा: 23–26 मई, PM मोदी और क्वाड बैठक का पूरा शेड्यूल
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो अपने पहले भारत दौरे पर 23 मई 2026 को सुबह 7 बजे कोलकाता पहुँचेंगे और इसके बाद नई दिल्ली रवाना होंगे। चार दिवसीय इस यात्रा में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और 26 मई को नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पुष्टि की कि रुबियो स्वीडन से भारत के लिए रवाना हो चुके हैं।
दौरे का पूरा कार्यक्रम
शनिवार, 23 मई 2026 को रुबियो सुबह 7 बजे कोलकाता पहुँचेंगे, फिर दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर नई दिल्ली आएँगे। दोपहर 2 बजे उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी।
रविवार, 24 मई 2026 को सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर वे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक करेंगे। शाम 6 बजकर 20 मिनट पर अमेरिकी दूतावास के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेंगे।
सोमवार, 25 मई 2026 को सुबह 9 बजे आगरा में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे, फिर दोपहर 1 बजे जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।
दौरे के अंतिम दिन मंगलवार, 26 मई 2026 को सुबह 6 बजकर 50 मिनट पर नई दिल्ली पहुँचेंगे। सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर फैमिली फोटो में शामिल होंगे, इसके बाद सुबह 9 बजे हैदराबाद हाउस में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। सुबह 9 बजकर 50 मिनट पर संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा और सुबह 11 बजे रुबियो अमेरिका के लिए रवाना हो जाएँगे।
क्वाड बैठक और भागीदार देश
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर इस बैठक में रुबियो के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्वाड में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं और इसका उद्देश्य एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुनिश्चित करना है।
अमेरिकी दूतावास ने कहा कि रुबियो की यह यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को रेखांकित करती है — 'क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाओं के विविधीकरण तक।'
ऊर्जा सहयोग और भारत को 'महान साझेदार' की संज्ञा
भारत यात्रा से पहले मियामी में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा, 'हम भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए, उतनी बेचने के इच्छुक हैं। अमेरिका इस समय ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है और हम इसे और बढ़ाना चाहते हैं।'
उन्होंने भारत को 'महान सहयोगी' और 'महान साझेदार' बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज़ स्ट्रेट से जुड़े वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा दोनों देशों की प्राथमिकता बन गई है।
राजदूत की प्रतिक्रिया
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, 'अभी अमेरिकी विदेश सचिव रुबियो का फोन आया, वे अभी भारत के लिए निकल रहे हैं। इस ज़रूरी दौरे के लिए उत्साहित हूँ।' गौरतलब है कि यह रुबियो का पहला भारत दौरा है और ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा को लेकर इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या
26 मई की क्वाड बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में इंडो-पैसिफिक रणनीति, महत्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा सहयोग पर स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है। यह दौरा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्वाड के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।