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मार्को रुबियो का कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी दौरा, राजदूत गोर बोले — भारत-अमेरिका साझेदारी साझा मूल्यों पर टिकी

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मार्को रुबियो का कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी दौरा, राजदूत गोर बोले — भारत-अमेरिका साझेदारी साझा मूल्यों पर टिकी

सारांश

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की पहली भारत यात्रा कोलकाता से शुरू हुई — मिशनरीज ऑफ चैरिटी के दौरे के साथ। 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड बैठक, मोदी और जयशंकर से मुलाकात तय। राजदूत गोर ने इसे साझा मूल्यों की साझेदारी का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 23 मई 2025 को कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी का दौरा किया — यह उनकी पदभार के बाद पहली भारत यात्रा है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा कि भारत-अमेरिका साझेदारी साझा मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की भावना पर आधारित है।
रुबियो का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस.
जयशंकर से मुलाकात का कार्यक्रम तय है।
26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री शामिल होंगे।
चर्चा का केंद्र इंडो-पैसिफिक सहयोग, रक्षा, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा होगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 23 मई 2025 को भारत की अपनी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा की शुरुआत कोलकाता से की, जहाँ उन्होंने मदर टेरेसा द्वारा स्थापित संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी का दौरा किया। पदभार संभालने के बाद यह रुबियो की पहली भारत यात्रा है। इस दौरे को भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को नई गहराई देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

राजदूत गोर की प्रतिक्रिया

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी के दौरे के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ शामिल हुआ। ऐसे पल हमें याद दिलाते हैं कि अमेरिका-भारत की साझेदारी न केवल मजबूत नीतियों पर टिकी है, बल्कि साझा मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की उस भावना पर भी आधारित है जो सीमाओं से परे है।'

एक अन्य पोस्ट में गोर ने लिखा, 'मेरे मित्र मार्को रुबियो का भारत में स्वागत करते हुए सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। हमारे सामने एक महत्वाकांक्षी एजेंडा है, जिसमें क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक शामिल है, जिसका उद्देश्य अमेरिका-भारत साझेदारी को और भी मजबूत बनाने के अमेरिकी राष्ट्रपति के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है।'

दौरे का कार्यक्रम

रुबियो शनिवार सुबह कोलकाता पहुँचे, जहाँ वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राजदूत गोर के अनुसार, रुबियो का नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम तय है। इसके अलावा, रविवार को वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यात्रा के दौरान रुबियो आगरा और जयपुर सहित कई शहरों का भी दौरा करेंगे।

क्वाड बैठक की तैयारी

इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य 26 मई को नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक है। इसमें भारत के जयशंकर, अमेरिका के रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग और जापान के तोशिमित्सु मोतेगी हिस्सा लेंगे। चर्चा का केंद्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, रक्षा, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता होगी।

भू-राजनीतिक संदर्भ

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वाशिंगटन और नई दिल्ली बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर सहयोग को और गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि क्वाड का यह संस्करण ऐसे वक्त में हो रहा है जब इंडो-पैसिफिक में चीन की सक्रियता को लेकर चारों देशों की चिंताएँ एकसमान हैं।

रुबियो की यह यात्रा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों में एक नई कूटनीतिक कड़ी जोड़ती है, और आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच होने वाले समझौतों और घोषणाओं पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अमेरिका की 'मूल्य-आधारित विदेश नीति' की छवि को भारतीय जनमानस में स्थापित करने की कोशिश भी है। गौरतलब है कि क्वाड की यह बैठक ऐसे दौर में हो रही है जब अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता में टैरिफ को लेकर तनाव बना हुआ है — ऐसे में रणनीतिक एकजुटता को प्रदर्शित करना दोनों पक्षों के लिए जरूरी है। असली परीक्षा यह होगी कि क्वाड बैठक से इंडो-पैसिफिक में ठोस साझा कार्रवाई निकलती है या यह केवल एक और घोषणापत्र बनकर रह जाती है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्को रुबियो की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
रुबियो की यह चार दिवसीय यात्रा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और 26 मई को नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए है। वे प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे।
मिशनरीज ऑफ चैरिटी का दौरा क्यों किया गया?
रुबियो ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के दौरे से की, जिसे राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका साझा मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की भावना का प्रतीक बताया। यह दौरा कूटनीतिक संदेश के साथ-साथ सांस्कृतिक संपर्क का भी हिस्सा था।
क्वाड बैठक कब और कहाँ होगी और इसमें कौन शामिल होंगे?
क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 26 मई 2025 को नई दिल्ली में होगी। इसमें भारत के एस. जयशंकर, अमेरिका के मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग और जापान के तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे।
क्वाड बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, रक्षा, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर विचार-विमर्श होगा। बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच चारों देशों के बीच समन्वय को और गहरा करना मुख्य लक्ष्य है।
रुबियो की यह यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
पदभार संभालने के बाद रुबियो की यह पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के प्रयास का हिस्सा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वाशिंगटन और नई दिल्ली वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच अपनी साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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